नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह व समझौते से 299 प्रकरणों का निराकरण

श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com>>प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्योपुर  प्रदीप मित्तल, के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय, श्योपुर एवं तहसील न्यायालय विजयपुर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,  प्रदीप मित्तल के कर कमलों द्वारा द्वीप प्रज्वलित एवं सरस्वती माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया इस मौके पर विशेष न्यायाधीश, श्योपुर  रविन्दर सिंह,, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,  पवन कुमार बांदिल एवं अधिवक्तागण, जिला न्यायायलय, श्योपुर के सभी न्यायिक अधिकारीगण, जिला विधिक सहायता अधिकारी, कर्मचारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहें।

जिला न्यायालय श्योपुर में प्रीलिटिगेशन मामलों के लिए विद्युत विभाग, वन विभाग, नगर पालिका, बैंक एवं बी.एस.एन.एल. लैण्डलाईन आदि के प्रकरणों के निराकरण हेतु पृथक-पृथक स्टॉल लगाये गये जिन पर भारी संख्या में लोग अपने निराकरण के लिए स्टॉलों पर मौजूद थे तथा प्रकरणों में राजीनामा करने पर लोक अदालत स्मृति चिन्ह के रूप में फलदार पौधे पक्षकारों को प्रदान किये गये।
नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के विभिन्न विभागों के करीब 6729 मामलें निपटाए जाकर राशि रूपये 2625676/- की वसूली की गई। जिसमें विद्युत विभाग के लगभग 97 मामले निराकृत कर 1757774/- राशि की वसूली की। नगर पालिका के लगभग 187 निपटाए जाकर 550107/- राशि की वसूली की गई।

जिला न्यायालय, श्योपुर एवं तहसील न्यायालय, विजयपुर के न्यायिक अधिकारियों की खण्डपीठों ने कुल 299 मामलों का आपसी सुलह और समझौते से पक्षकारों के मामलों का निराकरण किया गया। जिसमें मोटर दुर्घटना के 03 मामलों में 170000/- राशि का मुआवजा दिलाया गया तथा चैक बाउंस 52 मामलों में 7785406/- राशि तथा आपराधिक प्रकरण के 18 मामलों में निराकरण किया गया एवं विद्युत विभाग के 33 मामलें निराकृत कर 1016419/- राशि प्राप्त हुई।

नेशनल लोक अदालत में, प्रधान जिला न्यायाधीश,  प्रदीप मित्तल द्वारा पति-पत्नि के बीच समझौता कराकर अलग रह रहे दम्पति को मिलवाया। उक्त प्रकरण में पत्नि सुलोचना की शादी अप्रैल 2011 को सम्पन्न हुई थी जिसकी दो संतानें थी प्रार्थिया का पति वर्ष 2014 से मजदूरी करने जयपुर चला जाता था जिसमें पत्नि द्वारा जयपुर साथ चलने की बात कर दोनों के बीच झगड़ा हो गया और पत्नि अपने पिता के घर रामबड़ौदा चली गई तथा पत्नि ने न्यायालय में भरण-पोषण व घरेलू हिंसा का केस पेश कर दिया जिसमें  प्रदीप मित्तल, जिला न्यायाधीश महोदय, श्योपुर द्वारा समझाईश देने पर साथ-साथ रहने के लिए तैयार हो गए और लोक अदालत बाले दिन खुशी-खुशी अपने बच्चों के साथ घर चले गए। उक्त पक्षकारों ने  न्यायिक अधिकारीगण एवं अधिवक्तागण का आभार व्यक्त किया।