जिला चिकित्सालय में पदस्थ, एक नर्स के दो अलग-अलग मूल निवासी, फिर भी कर रही नौकरी, संदेह के घेरे मेंं वैरिफिकेशन

-सीएमएचओ के राज मेंं बिना दस्तावेज जांच पड़ताल के कर रहे न जाने कितने लोग नौकरी, स्वास्थ्य विभाग का वैरिफिकेशन संदेह के घेरे में


भिण्ड। भिण्ड जिला चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारी ने जीएनएम कोर्स करने के लिए शासकीय नर्सिंग कॉलेज एडमिशन लिया, लेकिन सबंधित डिग्री/कोर्स के लिए एडमिशन हेतु मप्र का मूलनिवासी होना अतिआवश्यक होता था तभी शासकीय कॉलेज में दाखिल मिल सकता है लेकिन उक्त कर्मचारी ने वर्ष में दो राज्यों का निवासी का प्रमाण पत्र बनवा लिया जा जानकारी के अनुसार भिंड जिला चिकित्सालय में बतौर स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ कु. ब्यूला साकेत ने यह कारनाम किया है। दरअसल उक्त स्टाफ नर्स मूलत: उप्र के जिला कानपुर नगर जिसका मूलनिवामी क्रमांक 34311203262 दिनांक.23 लिए मई 2011 को उपजिलाधिकारी घाटमपुर जनपद कानपुर नगर के द्वारा जारी किया गया था पंरतु उसी वर्ष मप्र का भी मूल निवासी होना बड़ी ही ताज्जुब की बात है। दरअसल मप्र का मूल निवासी प्रमाण पत्र सिंगरौली जिले की हमील का बना हुआ है जिसका प्रण्315763 वी.121ध्2010 11 दिनांक 18 जुलाई 2011 का कार्य भी किया। तरीके द्वारा जारी किया गया। इस कृत्य को करने के उपरांत स्टाफ नर्स ब्यूला ने कॉलेज में दाखिला भी लिया और साथ ही साथ मप्र का मूल निवासी होनो का हवाला देकर स्वास्थ्य विभाग में नौकरी भी पा ली और शासन की आंखों में धूल झौंकने का कार्य भी किया है।
आखिर स्वास्थ्य विभाग में वैरिफिकेशन कैसे कर दिया
जिस प्रकार जिला चिकित्सालय में पदस्थ महिला नर्स ने शासन के साथ जो धोखाधड़ी की है उससे तो कहीं न कहीं जाहिर होता है कि शासकीय नौकरी धोखाधड़ी से पाना कितना आसान है क्योंकि जब किसी भी विभाग में नियुक्ति होती है तो उसमें सर्व प्रथम समस्त दस्तावेजों का अवलोकन किया जाता है तब जाकर व्यक्ति को पूर्ण रूप से उक्त विभाग में नियुक्त माना जाता है अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेजों का वैरिफिकेशन कैसे कर दिया।
जांच होने पर हो सकता है बडा खुलासा
यदि स्वास्थ्य विभाग भिण्ड जिला चिकित्सालय में पदस्थ स्टाफ नर्स की मामले की जांच उच्चस्तरीय विभागीय जांच प्रस्तावित करता है तो उक्त स्वास्थ्य कर्मी की नियुक्ति से संबंधित सारी जानकारी दूध का दूध और पानी का पानी की तरह साफ हो जायेगी।
इनका कहना है:
मूलनिवासी एक ही जगह का होता है अगर ब्यूला साकेत के एक से अधिक मूल निवासी प्रमण पत्र है तो हम उनकी जांच करवायेंगे।
-डॉ. अनिल गोयल, सिविल सर्जन जिला-भिण्ड