फर्जी वेबसाइट बनाने वाला  सॉफ्टवेयर इंजीनियर  नोएडा से गिरफ्तार

भिण्ड.ShashiKantGoyal/ @www.rubarunews.com>> रिलायंस पेट्रोल पंप की डीलर शिप दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद भिंड पुलिस फर्जी वेबसाइट बनाने वाले साफ्टवेयर इंजीनियर को भी नोएडा से पकड़ लाई है। यह 25 हजार रुपए में ठगों के लिए फर्जी वेबसाइट बनाता था। बता दें कि 20 दिसंबर को ऋषभ जैन निवासी बाराबंकी जब एक सोशल साइट पर थे तभी उस पर रिलायंस पेट्रोल पंप की डीलर शिप के लिए विज्ञापन आया, जिसे उन्होंने खोला तो पंप के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए एक फार्म आया, जिसे पूरा भरने के बाद अनुसूचित जाति, जनजाति पिछड़ा वर्ग अथवा सामान्य जाति की अलग अलग कैटेगरी के हिसाब से आवेदन शुल्क लिखा हुआ था। ऋषभ ने इस आप्शन के अनुसार 15 हजार 200 रुपए शुल्क रोजोपेय के माध्यम से जमा कर दिए। इसके तीन बाद उसके एक ई.मेल आया जिसमें लिखा था कि उसका पेट्रोलपंप स्वीकृत हो गया है। साथ ही अनुबंध के लिए एक पीडीएफ फाइल आई जिसमें सभी शर्तें लिखी हुई थी। इस पर ऋषभ ने 24 दिसंबर को कैनरा बैंक बाराबंकी से पांच लाख रुपए बताए गए खाता नंबर में आरटीजीएस कर दिए। बाद में उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है।

पीडित ने यह कहानी भिंड एसपी मनोज कुमार सिंह को सुनाई तो उन्होंने ठगी करने वाले आशिफ खान पुत्र नासिर खान निवासी झांसी, आकाश पुत्र पूरन सिंह और नेहा पत्नी आकाश सिंह निवासी महोबा उत्तरप्रदेश को भिंड पुलिस ने 3 जनवरी को भारौली तिराहा के पास से दबोच लिया। विवेचना में सामने आया कि ठग फर्जी वेबसाइट नोएडा निवासी संदीप छाबड़ा से बनवाते थे। जो कि साफ्टवेयर इंजीनियर है। वह 25 हजार रुपए में ठगों के लिए फर्जी वेबसाइट बनाता था जिसे शुक्रवार को भिंड पुलिस ने नोएडा से पकड़ लाई।

इनका कहना है:

पेट्रोल पंप के नाम से ठगी करने वाला गिरोह जिस इंजीनियर से वेबसाइट बनवाता था उसे भी मामले में आरोपी बनाकर पकड़ लिया गया है। साथ ही उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

-मोतीलाल कुशवाह, डीएसपी हेडक्वार्टर भिंड