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उच्च न्यायालय के आदेश पर डॉग होम से 22 कुत्तों को रेस्क्यू जंगल में छोड़ा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com>> बूंदी शहर के वार्ड नंबर 19 में एक महिला द्वारा पाले गए 22 कुत्तों से परेशान मोहल्ले वासियों को उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अब मिल सकेगी। गुरुनानक कॉलोनी के वार्ड 19 स्थित मोहल्ले में एक महिला द्वारा डॉग होम बनाकर 22 कुत्तों को रखने के मामले में उच्च न्यायालय में लगाई गई याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा कुत्तों को मोहल्ले से रेस्क्यू कर अन्यत्र शिफ्ट करने के निर्देश पर नगर परिषद आयुक्त राकेश कुमार मीणा तहसीलदार अर्जुन लाल मीणा कोतवाली थाना अधिकारी की मौजूदगी में नगर परिषद की टीम ने डॉग होम के ताले तोड़कर कुत्तों को रेस्क्यू कर शहर से बाहर शिफ्ट किया। गौरतलब हैं कि वार्ड में एक महिला पूजा हांडा द्वारा घर में 25 से अधिक कुत्ते रखे हुए हैं। जिनके दिन रात भोंकने से मोहल्लेवासी काफी परेशान मोहल्ले वासियों ने समस्या के समाधान को लेकर पूर्व में जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन देने, जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना देन तथा मतदान के बहिष्कार की चेतावनी के बाद भी समस्या के समाधान नहीं होने पर मोहल्लेवासियों ने मिलकर हाई कोर्ट जयपुर में मामले की अपील की थी।
नगर परिषद आयुक्त राकेश कुमार मीणा ने बताया कि लंबे समय से मोहल्लेवासियों द्वारा महिला द्वारा घर में रखें 22 कुत्तों से परेशान होने की शिकायत नगर परिषद में व जिला प्रशासन को दे रखी थी। जिसको लेकर वार्ड वासियों द्वारा जिला कलेक्ट्रेट के बाद धरना प्रदर्शन भी किया था तथा विधानसभा चुनाव में चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। जिस पर उक्त डॉग होम की केयरटेकर पूजा हांडा को 15 दिवस में कुत्तों को अन्यत्र शिफ्ट करने का पांच बार नोटिस दिया गया था। जिस पर केयरटेकर होंडा ने नगर परिषद को कुत्तों को अन्यत्र शिफ्ट करने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन नगर परिषद द्वारा पांच बार नोटिस देने के बावजूद भी हांडा ने कुत्तों को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया । वही मोहल्ले वासियों ने मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील कर रखी थी जिस पर हाई कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को 22 कुत्तों को डॉग हम से रेस्क्यू कर शहर से बाहर शिफ्ट किया है।
मोहल्ले वालों ने दिया था धरना
कुत्तों को घर में रखने से परेशान मोहल्लेवासियों ने जिला कलेक्टर, नगर परिषद आयुक्त को लिखित में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि कुत्ते रात दिन भोंकते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ रहा है वही मोहल्ले वासियों का सुख चैन भी छिन गया है । बच्चों को पढ़ाई के लिए अन्यत्र जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं करने से नाराज मोहल्ले वासियों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया था। जिस पर आयुक्त द्वारा जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था इसके बाद भी महिला द्वारा कुत्तों को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया गया।
विधानसभा चुनाव में मतदान बहिष्कार की थी चेतावनी
शहर के वार्ड नंबर 19 में महिला द्वारा घर मे रखे कुत्तों की समस्या से परेशान 100 से ज्यादा वार्ड वासियों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की थी जिस पर प्रशासन मौके पर पहुंचा था तथा उक्त महिला को 15 दिवस में कुत्तों को अन्यत्र शिफ्ट करने का नोटिस चस्पा किया था। लेकिन वार्ड वासियों के नहीं मानने पर प्रशासन ने लिखित में 15 दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद मोहल्ले वासियों ने मतदान किया था।
सुनवाई नहीं होने पर हाई कोर्ट में की अपील
विधानसभा चुनाव निकल जाने के बाद प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं देने व समस्या के समाधान नहीं होने पर मोहल्लेवासियों ने मिलकर हाई कोर्ट जयपुर में मामले की अपील की । जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर, नगर परिषद आयुक्त को कुत्तों को डॉग होम से रेस्क्यू कर शहर के बाहर शिफ्ट करने के दिए थे।
केयरटेकर महिला ने कार्रवाई रोकने का किया प्रयास
प्रशासन द्वारा कुत्तों को रेस्क्यू कर अन्यत्र शिफ्ट करने की कार्रवाई के दौरान केयर टेकर महिला मोके पर पहुंची व कार्रवाई कर रहे अधिकारी व कर्मचारियों को कार्रवाई करने से रोकने का प्रयास किया। जिस पर कोतवाली पुलिस की महिला कांस्टेबल द्वारा उक्त महिला को शांति भंग में पकड कर कोतवाली ले जाया गया। बाद में पाबंद कर महिला को छोड़ दिया ।
कुत्तों की नजर रखने के लिए लगा रखे थे कमरे
उक्त महिला द्वारा शहर के रियायसी इलाके में वसुदेव कुटुम्बकम के नाम से डॉग होम चला रखा था महिला द्वारा कुत्तों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगा रखे थे। वही एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कुत्तों पर नियंत्रण रखती थी।