आंसू पौंछने, दर्द बांटने गांव-गांव पहुंचे बिरला

कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- कोरोना या अन्य कारणों से जो परिवार अपने प्रियजनों को गंवा चुके हैं, उनका दर्द तो कभी कम नहीं होगा, पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरूवार को बेटे और भाई की भूमिका निभाते हुए बूंदी विधानसभा क्षेत्र के उन परिवारों के आंसू पौंछने और दर्द बांटने उनके घरों तक पहुंचे। बिरला ने कहीं सिर पर हाथ फेर कर हिम्मत बंधाई, कहीं हाथ पकड़कर भरोसा दिलाया कि वे हर मुसीबत में उनके साथ खड़े हैं तो कहीं आर्थिक सहायता के लिए आश्वस्त कर परिवारों को उम्मीद की एक किरण दिखाई।

 

संसदीय क्षेत्र के नौ दिवसीय प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरूवार को एक दिवसीय बूंदी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उनकी यात्रा का एकमात्र उन परिवारों तक पहुंच कर संवेदना व्यक्त करना था जिनके परिजनों की कोरोना महामारी या किसी अन्य कारण से मृत्यु हो गई।

बिरला तालेड़ा में सबसे पहले ऐसे परिवार के बीच पहुंचे जिन्होंने एक वर्ष में अपने तीन सदस्यों को खो दिया था। एक के बाद एक हुई तीन मौतों ने परिवार को हिला कर रख दिया थां बिरला ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि वे उनके साथ हैं। ग्राम दौलाड़ा में बिरला ने अजीत नागर के कंधे पर हाथ रख कर आश्वस्त किया कि भले ही पिता शंभूलाल नागर को कोरोना ने छीन लिया, लेकिन वे संरक्षक की तरह हमेशा उसके साथ हैं।

इंद्रा काॅलोनी बूंदी विजय शर्मा (37) भी कोरोना के कारण अब इस दुनिया में नहीं रहे। साढ़े पांच वर्षीय बेटे जयद्रथ शर्मा अब भी परिजनों से पिता के बारे में पूछता है। बिरला वहां पहुंचे तो परिवार के सदस्य नम हो गईं। बिरला ने संवेदना व्यक्त करत हुए आश्वस्त किया जयद्रथ और उसकी बड़ी बहिन तनुष्का की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। परिजन जो भी कहेंगे वह व्यवस्था कर दी जाएगी।

बिरला बूंदी के इतोड़ा, रामगंज बालाजी, दौलतपुरा, अजैता, रायथल, रामपुर, तालेड़ा, दौलाड़ा, हट्टीपुरा, अकतासा, खटकड़, गांव में करीब 30 से अधिक स्थानों पर पहुंचे और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। बिरला ने कहा कि इन परिवारों को संबल देना हमारा नैतिक दायित्व है। हमारी कोशिश रही कि अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंच सकें। जानकारी और समय के अभाव में कुछ जगह रह गईं, लेकिन हम हर कदम उनके साथ हैं। उनकी ओर से जो भी आवश्यकता बताई जाएगी, उसे पूरा करने का प्रयास करंेगे।

सात वर्षीय रिद्धी ने मोह लिया मन
लोकसभा अध्यक्ष बिरला बूंदी के विकास नगर स्थित संपत शर्मा के घर भी पहुंचे जिनकी कुछ दिनों पूर्व कोरोना के चलते मृत्यु हो गई थी। परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के बाद जैसे ही बिरला रवाना होने लगे दिवंगत संपत शर्मा की सात वर्षीय पोती रिद्धी निम्बार्क ने उन्हें एक ग्रिटिंग कार्ड भेंट किया। कार्ड पर बिरला को भारत का मां गौरव बताया था। बिरला ने रिद्धी को धन्यवाद देकर उसके उज्जवल भविष्य की कामना की।

दिव्यांग पति-पत्नी को बनाएंगे समर्थ
खटकड़ की ओर जाते समय लोकसभा अध्यक्ष बिरला को अचानक एक दुकान पर दिव्यांग बनवारी और ममता लकड़ी के मंदिर बनाते नजर आए। बिरला गाड़ी रूकवा कर उनके पास गए तो पता चला कि वे पति-पत्नी हैं। ममता तो बिरला के पैतृक गांव ठीकरिया की ही है। बिरला ने उनसे मंदिर बनाने की प्रक्रिया तथा आय के बारे में पूछा तथा कहा कि यदि काम का विस्तार करने के लिए उन्हें किसी मदद की आवश्यकता हो तो बताएं। आवागमन में परेशानी की जानकारी देने पर बिरला ने दोनों को कोटा कैंप कार्यालय से सम्पर्क करने को कहा जहां से उन्हें मोटराइज्ड ट्राइसिकल दिलवा दी जाएगी।

जब बिरला हो गए भावुक
ऐसे अवसर आए जब संवेदना व्यक्त करने के दौरान परिवार पर आई मुसीबत की कहानी सुन लोकसभा अध्यक्ष बिरला खुद भावुक हो गए। कहीं कोरोना ने छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया तो कहीं बुजुर्ग माता-पिता के सहारे को कोरोना लील गया। अजेता गांव में महज 31 वर्षीय जितेंद्र की कोरोना से मौत के बाद परिवार सहित पूरा गांव गमगीन है। 5 साल के बेटे राजकुमार के सिर से पिता का साया उठ गया। बिरला ने कहा कि अब हमें ऐसे परिवारों की सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए उनके जीवन को संवारना है