बेहतरीन बूंदी’ अभियान से स्थानीय निकाय को कोई सरोकार नही The local body has no concern with the ‘Best Bundi’ campaign

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-एक तरफ जिला कलेक्टर बूंदी डॉ. रविंद्र गोस्वामी ‘बेहतरीन बूंदी’ अभियान के द्वारा जिले को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना चाह रहे हैं। अभियान के तहत आमजन को प्रेरित करने के लिए स्वयं भी झाड़ू उठा कर स्वच्छता प्रेरक बने हैं। लेकिन वहीं नगर परिषद प्रशासन को ‘बेहतरीन बूंदी’ अभियान से कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा हैं। किसी समय शहर का वीवीआईपी एरिया रहा मोतीमहल का नवल सागर गेट अपनी दुर्गति को देखने को बेबस हैं। जी हां, दिया गया चित्र मोतीमहल के गेट का हैं, जिसे देख कर हम हमारी सफाई व्यवस्था का अंदाजा सहज ही लगा सकते है। यहां लगा यह कचरे का ढेर एक दिन का नहीं है। पिछले तीन दिन से यह ढेर ऐसे ही लगा हुआ है।

बेहतरीन बूंदी’ अभियान से स्थानीय निकाय को कोई सरोकार नही The local body has no concern with the ‘Best Bundi’ campaign

शहर से बालचंद पाड़ा को जोड़ने वाला और पर्यटकों को गढ़ पैलेस, चित्रशाला लाने वाला प्रमुख मार्ग हैं, जिस पर यह ढेर लगा हैं। कचरे के ढेर से ना केवल स्थानीय निवासी परेशान हैं, अपितु पर्यटक भी नाक पर रूमाल रख निकलते हैं। मोती महल और आसपास के मकानों में जाने वाले इस कचरे के ढेर से निकलने को मजबूर हैं। यहीं पर राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा ममता शर्मा का मकान और पर्यटक होटल्स, पैइंग गेस्ट हाउस भी मौजूद हैं। हालत यह है कि कचरा अब घरों में घुसने लगा हैं। रविवार को सुबह इस कचरे के ढेर से निकलते समय पर्यटकों को लेकर आई एक टैक्सी का टायर फट गया, गनीमत रही की कोई हादसा नहीं हुआ। वर्तमान में 25 दिसम्बर से जनवरी के पहले सप्ताह तक शीतकालीन अवकाशों के चलते पर्यटन के मुख्य आकर्षण गढ़ पैलेस, चित्रशाला आने वाले पर्यटकों को आना जाना इस रास्ते से होना हैं, ऐसे में पर्यटक बूंदी की किस स्थिति को बयां करेंगे। स्थानीय वार्ड पार्षद द्वारा नगर परिषद आयुक्त और सभापति और उपखंड अधिकारी सभी की जानकारी में यहां की समस्या से अवगत करवाया जा चुका हैं, लेकिन सबकुछ जान कर अनजान बनना यहां की व्यवस्था का अभिन्न अंग बन चुका है। कमोबेश यह स्थिति बूंदी के सभी पर्यटन स्थलों के आसपास देखी का सकती हैं, जहां परिषद ने कचरा डिपो बना रखे हैं। कहीं कचरे के ढेर लगे हैं, तो कहीं नालियों के ऑवर फ्लो का पानी सड़कों पर बहता नजर आता है।

“नगर परिषद और जिम्मेदारों को कहीं बार लिखित और मौखिक में उक्त समस्या से अवगत करवाया जा चुका हैं। लेकिन किसी का भी ध्यान इस और नही हैं। मोहल्ले वाले ही नहीं अपितु पर्यटक भी इस हालत को देख कर दुखी होते हैं। निर्धारित कचरा डिपो से नियमित कचरा उठाने और सभी पर्यटन स्थलों के पास बने कचरा डिपो को हटाए जाने की जरूरत हैं।”

मनीष सिसोदिया, स्थानीय पार्षद