मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नाम पाती – शारदा

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com-एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन का आपसे अनुरोध है कि मध्यप्रदेश के समाचार पत्र प्रकाशित करने वाले पत्रकारों की आर्थिक स्थिति पर भी आपको ध्यान देने की आवश्यकता है ।
आपके इस कार्यकाल के पूर्व की सरकार ने समाचार पत्रों की कमर तोड दी गई थी ।उनको मिलने वाले विज्ञापन एवं भुगतान पर रोक लगा दी गई थी और इस रोक से राज्य सरकार को अरवो रुपए की राशि की बचत हो गई ।

अभी तक पूरा देश मिडिया को चौथा स्तंभ कहते हैं और आप भी चौथा स्तंभ मानते हैं ऐसा मेरा सोच है परन्तु हकीकत यह है कि मिडिया न्याय पालिका , कार्यपालिका, विधायिका और आम जनता के बीच सेतु का कार्य करता है अतः इस सेतु को बचाने की महती भूमिका का निर्वहन आपको करना होगा ।

कोरोना काल पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथजी की अंतिम पत्रकार वार्ता के बाद से ही प्रारंभ हुआ था जिससे आप परिचित ही होंगे ।
आपके पुनः मुख्यमंत्री बनने के बाद समाचार पत्रों को विज्ञापन जारी किए जाने लगे परंतु उसमें मेरे हिसाब से विसंगति है ,
मैं एक बात डंके की चोट पर कहता हूं कि कोई भी समाचार पत्र मालिक अपने समाचार पत्रों की प्रसार संख्या वास्तविक नहीं बताता है यह जांच का विषय है ।

विज्ञापन नीति में कोई वदलाब नहीं किया गया है यह मेरा मानना है अतः पूर्व की भांति नियमित रूप से प्रकाशित मासिक पत्रिका, समाचार पत्र चाहें वह मासिक, साप्ताहिक हों उसे इस अवसर पर पुनः प्रारंभ करने का फैसला लें एक संशोधन के साथ की उस समाचार पत्र के पिछले तीन अंक आवेदन के साथ संलग्न हो , बार बार आर एन आई प्रमाण पत्र इत्यादि नहीं मांगें जाय ,प्रसार संख्या का प्रमाण पत्र वर्ष में एक बार ही लिया जाए । इस तरह से पत्रकार एवं विभाग के अधिकारियों , कर्मचारियों का काम कम हो जाता है और रद्दी भी कम हो जाती है ।

आवेदन लेने की तिथि निर्धारित हो , विज्ञापन नीति के तहत कार्रवाई होनी चाहिए उससे हटकर किसी को भी अधिक राशि के विज्ञापन नहीं दिया जाना चाहिए चाहे वह विशेषांक के नाम पर मांगे ।

दैनिक समाचार पत्रों को भी जो सूची में शामिल हैं उन्हें भी प्रर्दशन विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए इसके लिए बड़े या छोटे समाचार पत्र में भेदभाव न करते हुए एक ही आकार मतलब चौथाई पृष्ठ से अधिक के विज्ञापन किसी भी समाचार पत्र को नहीं दिया जाय इससे विभाग पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा ।
अंत में आपसे अनुरोध है कि मेरे सुझाव पर अमल करने के आदेश करने का कष्ट करें ।
विभाग के मुखिया आप ही है मुखिया के लिए सभी बराबर है।
राधावल्लभ शारदा,प्रांतीय अध्यक्ष,एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन