सर्वांगीण विकास कर श्रेष्ठ व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी- श्री तोमर

श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com>>स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर आज मध्य प्रदेश में रोजगार दिवस कार्यक्रम मनाया गया, जिसमें प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा युवा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर जिले में हुए इस कार्यक्रम में भोपाल से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व ग्वालियर से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य रूप से शामिल हुए। श्री चौहान ने कहा किआज युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बनें, वहीं श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विवेकानंद जी के आदर्शों व सिद्धांतों पर चलते हुए सर्वांगीण विकास कर श्रेष्ठ और आत्मनिर्भर भारतका निर्माण कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद जी की बातों को उद्धृत करते हुए कहा कि अगर व्यक्ति अपना लक्ष्य निश्चय कर ईमानदारी व दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेतो सफलता अवश्य मिलती है। श्री जमशेद टाटा, श्री धीरूभाई अंबानी जैसे बड़े-बड़े बिजनेसमैन ने छोटे से शुरूआत कर सफलता की ऊंचाई अर्जित की। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान पर हमने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने की शुरूआत की है। इस कड़ी में रोजगार को बढ़ावा दिया है, रोजगार के लिए 8 सूत्रीय नीति बनाई है। पढ़ाई के साथ ही हुनर पैदा करने वाली शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, छात्रों-युवाओं के कौशल को बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में जिला एवं विकासखंड स्तर पर हर महीने रोजगार मेला लगाकर नियमित रोजगार देने का काम अभियान के तौर पर चलता रहेगा। म.प्र. में निवेश लाकर कल-कारखाने खुलवाकर रोजगार देने का भी उपाय किया जा रहा है। इसके लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विभिन्न उत्पादों के क्लस्टर बनाए गए हैं, स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
श्री चौहान ने कहा कि म.प्र. खेती के क्षेत्र में भी अग्रणी है। खाद्यान्न व बागवानी क्षेत्र में भी स्वरोजगार व नौकरियों के लिए अवसर पैदा किए गए हैं। सरकारी नौकरियां तो नियमित रूप से लगाई ही जा रही है। सहकारिता, शिक्षा, कृषि आदि सेक्टरों के हजारों पदों पर भी भर्ती होने वाली है।लघु व कुटीर उद्योगों का म.प्र. की धरती पर जाल बिछाया जाएगा ताकि रोजगार और भी बढ़ सकें। उन्होंने स्वरोजगार अपनाने वाली महिलाओं और युवाओं के प्रयासों को सराहते हुए उनका अभिनंदन किया। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में देश में म.प्र. नंबर वन पर है। औषधियों के क्षेत्र में भी काम हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री श्री तोमरने म.प्र. के 5 लाख से ज्यादा युवाओं कोकेंद्र व राज्य की योजनाओं से स्वरोजगार के लिए लाभान्वित किए जाने को अभूतपूर्व अवसर बताते हुएकहा कि गरीब-बेरोजगार आबादी की क्षमता बढ़ाए बिना देश का सर्वांगीण विकास व आत्मनिर्भर भारतका निर्माण संभव नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यभार संभालने के बाद लगातार इसी बात पर बल दिया है। प्रधानमंत्री जी नेस्किल इंडिया मिशन, स्टार्ट अप इंडिया स्कीम, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया प्रोग्राम, फिट इंडिया कैम्पेन आदि के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने व उनके घरों में समृदधि लाने का सफलतम प्रयत्न किया है। श्री तोमर ने कहा कि पीएम जिस उद्देश्य को सामने रखकर काम कर रहे हैं, उसमें म.प्र. सरकार मुख्यमंत्रीश्री चौहान के नेतृत्व में बहुत तेजी के साथ अग्रणी भूमिका का निर्वाह कर रही है।अकेले मुद्रा योजना के अंतर्गत ही अभी तक 3 करोड़लोगों को 1.86 लाख करोड़ रूपए अपना रोजगार स्थापित करने केलिए मिले हैं। यह समझा जा सकता है कि इतनी बड़ी राशि बैंकों से निकलकर सामान्य लोगों केपास आती है तो अर्थव्यवस्था को कितना अधिक बल मिलता है और स्वरोजगार के लिए लोगों की कितनी ताकत बढ़ती है। आज का यह कार्यक्रम भी म.प्र. के लोगों के जीवन में तब्दीली लाने वाला साबित होगा।
श्री तोमर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपना उज्जवल चरित्र जब देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया, तब उनकी युवावस्था थी, स्वामी जी युवाओं से बड़ीअपेक्षा रखते थे। 1893में शिकागो मेंस्वामी जी ने जब धर्म संसद मेंअपने विचारों को रखा तो सारी दुनिया उसके पीछे खड़ी हो गई थी।1897 में वे जब भारत लौटकर आए तो उन्होंने कोई स्वागत-सम्मान आयोजित नहीं किया, बल्कि हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सबसे पहले अपनी धरती माता को प्रणाम कर अपने प्रेम, समर्पण व श्रद्धा का इजहार किया जबकि आमतौर पर कोई भी व्यक्ति विदेश से लौटने पर वहीं की प्रशंसा करने लगता है। विवेकानंदजी के विचार सभी नौजवानों को पढ़ना चाहिए। श्री तोमर ने विवेकानंदजी की अद्भुत दूरदृष्टि की तारीफ करते हुए कहा किस्वामी जी ने देश की आजादी के 50 साल पहले1897 में ही नौजवानों से 50 वर्ष तक आजादी के संग्राम में जुटने का आह्वान कर दिया था। स्वामीजी ने यह भी कहा था कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी, इसके मायने यह है कि दुनिया का नेतृत्व करनेवाला बनेगा व श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में भारत की स्थापना होगी। इस दिशा में काम करते हुए स्वामीजी की बातको मोदी जीआज चरितार्थ कर रहे है।
ग्वालियर में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (व्यक्तिगत), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथकर विक्रेता योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के कुल 913 हितग्राहियों को 15.37 करोड़ रूपए के हितलाभ का वितरण कार्यक्रम स्थल से किया गया, वहीं ग्वालियर में कुल 16,330 हितग्राहियों को लगभग 50 करोड़ रू. का ऋण प्रदान किया गया है।बीते दो माह में इस कार्यक्रम के माध्यम से मुरैना में साढ़े पांच हजार तथा श्योपुर में चार हजार से अधिक हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने झाबुआ, नीमच, बालाघाट, रीवा, ग्वालियर, टीकमगढ़ के कुछ हितग्राहियों से संवाद भी किया। भोपाल में म.प्र. के सूक्ष्म, लघु व  मध्यम उद्योग तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकीमंत्री  ओमप्रकाश सकलेचा व रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष  शैलेंद्र शर्मा व ग्वालियर मेंऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिंह तोमर, सांसद  विवेक नारायण शेजवलकर, लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष श्रीमती इमरती देवी, बीज एवं फार्म विकास निगम के अध्यक्ष  मुन्नालाल गोयल, भाजपाध्यक्ष  कमल माखीजानी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजवल सहित मुरैना व श्योपुर से भी जनप्रतिनिधि व हितग्राही मौजूद थे।