गुणवत्ता जांच के नाम पर किसानों को अनावश्यक परेशान न किया जाए, अधिकतम गेहूं खरीदा जाए – बिरला
नई दिल्ली.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को नई दिल्ली में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने में कोई बाधा न आए, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकतम किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए और उपार्जन केंद्रों पर उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के खाद्य मंत्री सुमित गोदारा भी उपस्थित रहे।
गुणवत्ता जांच के नाम पर किसानों को अनावश्यक परेशान न किया जाए
लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि
गुणवत्ता जांच के नाम पर किसानों को अनावश्यक परेशान न किया जाए, और प्रथम दृष्टया अस्वीकृत गेहूं (काला गेहूं) का पुनः परीक्षण कर खाद्य योग्य गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को राहत मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं खरीद के मापदंडों में व्यावहारिक शिथिलता अपनाकर किसानों को राहत पहुंचाई जाए। साथ ही, गेहूं तौल के लिए कांटों की समुचित व्यवस्था की जाए, माल उठाव समय पर हो और प्रत्येक केंद्र पर छाया, पानी, विश्राम, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा, केंद्रों पर पर्याप्त बिजली, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक उपार्जन उपकरण भी सुनिश्चित किए जाएं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की अपनी विशिष्ट समस्याएं होती हैं। अधिकारी अपने विवेक से इन चुनौतियों को समझकर समाधान सुनिश्चित करें, ताकि प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके।
MSP की जानकारी का अधिकतम प्रसार किया जाए
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना को लेकर किसानों में अधिकतम जागरूकता फैलाई जाए, ताकि अधिक से अधिक पंजीकृत किसान अपनी फसल बेचने के लिए खरीद केंद्रों तक पहुंच सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि स्लॉट बुकिंग में लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन के बाद किसानों को समय पर भुगतान मिले। इस संबंध में कोई भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में एफसीआई चेयरमैन आशुतोष अग्निहोत्री, प्रमुख शासन सचिव (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) सुबीर कुमार, संयुक्त सचिव गौरव गोयल, विशेषाधिकारी राजीव दत्ता, एवं फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सचिव संजीव चोपड़ा उपस्थित रहे।