सैनिकों की तरह गांवो की रक्षा करें स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिक*

कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने  संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के गांवों में बनाई गई स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों की टीमों से संवाद किया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि जिस तरह हमारे सैनिक दृढ़ता से देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को उसी मजबूती से गांवों की रक्षा करनी है। आॅन लाइन संवाद के दौरान स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को वरिष्ठ चिकित्सक डा. साकेत गोयल व डा. बृजमोहन से प्रशिक्षण भी दिलवाया गया।

 

वीडिया कांफ्रेंसिंग के दौरान बिरला ने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिक का लक्ष्य होना चाहिए कि वे कोरोना से बचाव के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता उत्पन्न करे। जिन लोगों में कोरोना के लक्ष्ण दिखाई दे रहे हैं उनको नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टर से परामर्श दिलवाएं तथा दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें। संक्रमितों को आइसोलेट करवाएं, आइसोलेशन अवधि में उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखें। यदि किसी कोविड मरीज की तबियत बिगड़ती है तो उसे एंबुलैंस से तुरन्त जिला अस्पताल भिजवाएं।

बिरला ने कहा कि एक-एक जान की कीमती है और स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को प्रत्येक व्यक्ति के प्राणों की रक्षा करनी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि गांवों में भी लोग मास्क लगाएं, हाथों को धोते रहें, सामाजिक दूरी बनाए रखें और कोविड गाइडलाइंस की सख्ती से पालना करें तभी हम कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ पाएंगे।

*डबल मास्क पहनना, वैक्सीनेशन करवाना जरूरीः डा. साकेत*
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को कोविड से संबंधी मूलभूत जानकारी देते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डा. साकेत गोयल ने कहा कि वर्तमान में जो परिस्थिति है उसे देखते हुए एन-95 मास्क का उपयोग किया जाना चाहिए। यदि एन-95 मास्क नहीं है तो थ्री प्लाई सर्जिकल मास्क के ऊपर एक ओर मास्क जरूर लगाएं। इसके अलावा लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करवाने के लिए कहें। उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्ति के आसपास सभी लोगों को डबल मास्क पहनना चाहिए। कोविड मरीज के आक्सीजन स्तर को ऊंचा बनाए रखने के लिए उसे प्रोनिंग अवस्था में लेटने तथा हल्का प्राणायम करने को प्रेरित करें। संक्रमित व्यक्ति को अधिक से अधिक आराम करना चाहिए तथा संक्रमण के प्रारंभिक दिनों में उसे स्टीयराॅयड नहीं दिए जाएं। यदि 5 दिन बाद भी व्यक्ति का बुखार 101 से अधिक बना रहे या आक्सीजन का स्तर 94 से नीचे आ रहा हो तो उसे तत्काल डाक्टर को दिखवाएं। डा. साकेत ने स्वास्थ्य कोरोन योद्धा सैनिकों से अपना नम्बर भी साझा किया ताकि आपातकालीन परिस्थिति में फोन कर उनसे परामर्श ले सकें।

*कोविड रोगी को तत्काल आइसोलेट करेंः डा. बृजमोहन*
स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों से संवाद करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डा. बृजमोहन ने कहा कि इस समय बुखार या गले में खराश कोरोना ही है। इस तरह के लक्ष्ण आते ही व्यक्ति को तत्काल आइसोलेट कर दें। कोविड की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही कोविड के उपचार की दवा प्रारंभ कर दी जाए। ऐसे अनेक मामले हैं जहां एक व्यक्ति को कोविड होने के बाद पूरा परिवार संक्रमित पाया गया है। अतः सभी लोग डबल मास्क पहनना और कोविड गाइडलाइंस की पालना सुनिश्चित करें।

*कोरोना योद्धा सैनिकों ने पूछे सवाल*
वीडिया कांफ्रेंसिंग के दौरान स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों ने भी डा. साकेत गोयल व डा. बृजमोहन से कई सवाल किए
*प्रश्नः* किसी व्यक्ति में लक्ष्ण नहीं है लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट पाॅजीटिव है, क्या दवा लेनी चाहिए।
*उत्तरः* लक्ष्ण नहीं है, लेकिन आरटीपीसीआर रिपोर्ट पाॅजीटिव है तो तुरन्त व्यक्ति को आइसोलेट कर दवा चालू करें।
*प्रश्नः* कोविड से संक्रमित हो चुके व्यक्ति को कब वैक्सीन लगवानी चाहिए।
*उत्तरः* वर्तमान में आईसीएमआर ने संक्रमित व्यक्ति को निगेटिव होने के डेढ़ माह बाद वैक्सीनेशन के लिए गाइडलाइन तय कर रखी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर छह माह किया जा रहा है।
*प्रश्नः* कई व्यक्ति ऐसे हैं जो निगेटिव हो चुके हैं, लेकिन कमजोरी बहुत है।
*उत्तरः** ऐसे व्यक्ति पौष्टिक खुराक लें तथा डाक्टर की सलाह अनुसार जिंक, विटामिन आदि की दवा लेते रहें।
*प्रश्नः* क्या वैक्सीन सभी को लगवानी चाहिए, क्या हृदय रोगी भी वैक्सीन लगवा सकता है।
*उत्तरः* वैक्सीन सभी को लगवानी चाहिए। इसके लिए आप गांवों में लोगों को प्रोत्साहित करें। हृदय रोगी भी वैक्सीन लगवा सकते हैं।
*प्रश्न:* क्या गर्भवती महिला वैक्सीन लगवा सकती है।
*उत्तरः* आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार अभी गर्भवती महिला और स्तनपान करवाने वाली महिला को वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती है। नई गाइडलाइन में संभावना है कि स्तनपान करवा रही महिला को भी वैक्सी नेशन की अनुमति दे दी जाए।
*प्रश्नः* दवा को लेकर भ्रातियां हैं।
*उत्तरः* भारत में कोविड का उपचार गाइडलाइंस के अनुरूप किया जा रहा है। दवा भी गाइडलाइंस के अनुसार ही दी जा रही हैं। आप लोगों को समझाएं कि दवाएं लें ताकि वे जल्द स्वस्थ हो सकें।