ताजातरीनराजस्थान

भगवान रंगनाथ जलझूलनी एकादशी पर गोविंदानाथ व पितांबर महाराज के साथ निकले विहार पर

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध बून्दी नगरी मंगलवार को भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गई। भगवान श्री रंगनाथ जी की ऐतिहासिक एवं भव्य डोलयात्रा बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ निकाली गई। इस मौके पर आम जन अपने आराध्य देव रंगनाथ, गोविंदनाथ, पिताम्बर की भक्ति से ओत प्रोत रही। जलझूलनी एकादशी पर देवस्थान विभाग की ओर से बूंदी के आराध्य देव रंगनाथ जी महाराज के मंदिर से देव विमानों की डोलयात्रा निकाली गई। डोल यात्रा में भगवान रंगनाथ, गोविंदानाथ, पितांबर महाराज के विमान शामिल रहेे। सायं 5 बजे भगवान श्री रंगनाथ जी विमान में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकले तो पूरे नगर में ‘जय रंगनाथ’ के जयकारे गूंज उठे। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए, पुष्पवर्षा की और आरती उतार कर धर्मलाभ लिया।
नगर भ्रमण पर निकले रंगनाथ जी, जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा और महाआरती
मोती महल स्थित भगवान रंगनाथ मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ यात्रा का शुरू हुई, जहां बून्दी महाराव राजा वंशवर्धन सिंह, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह और कोषाधिकारी चित्रा सिंह ने श्री रंगनाथ जी, श्री गोविंदानाथ जी एवं श्री पीतांबर जी की विधिवत आरती कर डोल को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। देव विमानों के दर्शन करने के लिए शहर वासियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जो मार्गों के दोनों ओर देव विमानों के स्वागत में खड़े होकर भगवान के दर्शन को आतुर नजर आए। मार्गों में जगह-जगह डोल यात्रा शामिल भगवान के विमानों की आरती उतारने की होड़ लगी रही।
डोलयात्रा मोती महल से रवाना होकर बुलबुल का चबूतरा पहुंची, जहाँ पूर्व राजपरिवार के दीवान भूपेंद्र सहाय सक्सेना ने भगवान की भव्य आरती उतारी। इसके पश्चात यात्रा श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर महंत गोविंद पारीक, श्री चारभुजानाथ मंदिर पर पुजारी पं. गणेश शर्मा, श्री रावभाव सिंह जी मंदिर पर पं. रोहित दाधीच, श्री हस्त गणेश जी मंदिर पर पं. महावीर शर्मा तथा सेठ जी के चैक में आरती वालों द्वारा परंपरागत आरती की गई। यात्रा का मुख्य पड़ाव रामसागर, रावला चैक रहा। यहाँ पूर्व राजपुरोहित परिवार के राजेश शर्मा, राज आचार्य पं. दयानंद शर्मा, राजव्यास पं. पुरुषोत्तम व्यास व सरस्वती भण्डार के पं. लक्ष्मीकांत शर्मा ने महाराव राजा वंशवर्धन सिंह से पूजा-अर्चना करवाकर महाआरती करवाई। अंत में डोलयात्रा पुनः रावला चैक स्थित श्री रंगनाथ मंदिर पहुंची, जहाँ मंदिर पुजारी पं. मुकेश शर्मा एवं पं. रघुनंदन राज मुखिया द्वारा महाआरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ इस धार्मिक महोत्सव का समापन हुआ।
सुख, समृद्धि की आस में अंबाबाड़ी के नीचे से गुजरे लोग

डोलयात्रा के दौरान सुख, समृद्धि निरोग रखने की कामना से शहर वासियों में भगवान की अंबाबाड़ी के नीचे से निकलने को लेकर होड़ रही। पूरे रास्ते भर श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ अंबाबाड़ी और पितांबरनाथ, गोविंदानाथ स्वामी के विमानों के नीचे से भी श्रद्धालु निकलते रहे। डोल यात्रा में देवस्थान विभाग के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र ओझा, मैनेजर रामसिंह, बूदिस्थ ज्योतिष परिशद् के पं. श्रीकांत शर्मा, पं. लक्ष्मी कांत शर्मा, राजेश बन्ना पुरोहित, दयानन्द आचार्य , रेवानन्द आचार्य, प्रमोद शास्त्री, गणेश आचार्य, पुजारी रघु, अपजी ओम , पुरुषोत्तम पारीक,युद्ध राज सोनी, एडवोकेट अजय नुवाल, एडवोकेट सुमित पारीक, सिल्विन क्वाड्रोस, जोगेंद्र सिंह, मोती महल प्रबंधक यशवर्धन सिंह, राजवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्यजन व श्रद्धालु उपस्थित रहे।