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भविष्य में जल की उपलब्धता के लिए जल संरक्षण पर देना होगा विशेष – डॉ. बिरला

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-पूरे विश्व के मानवों को भविष्य में जल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए साथ मिलकर जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा, ऐसा कहना हैं चाहिए, सह आचार्य डॉ. आशुतोष बिरला का। जो नेहरू युवा केन्द्र बून्दी द्वारा आयोजित जल दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ग्लेशियर संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ग्लेशियर जीवन के लिए आवश्यक हैं, इनका पिघला हुआ पानी पेयजल, कृषि, उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अति महत्वपूर्ण है।
जल दिवस के मौके पर हट्टीपुरा स्थित डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में चंबल संसद के जिला प्रभारी विठ्ठल सनाढ्य के मुख्यातिथ्य और सहायक आचार्य डॉ. कृष्ण कान्त राठौर की अध्यक्षता में परिचर्चा व संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ आशुतोष बिरला, वन्यजीव प्रेमी पृथ्वी सिंह राजावत व एडवोकेट अमित शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में मंचासीन रहे।
आमजन घर से करें जल संरक्षण की शुरुआत
जल संरक्षण एवं स्वच्छ जल की उपलब्धता पर संबोधित करते हुए विठ्ठल सनाढ्य ने क्षेत्रीय जल संसाधनों के संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आमजन जल संरक्षण की शुरुआत घर से करें। उन्हें पानी की जरूरत के बारे में बताते हुए बचाने के तरीकों को समझाएं। आस पड़ोस के लोगों, दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को भी जल संरक्षण का महत्व और तरीका बताएं।
वन्य प्रेमी राजावत ने वेटलैंड आद्र भूमि में मौजूद जल को लेकर सबको जागरूक करते हुए बूंदी जिले में पानी के स्रोतों  कुए, बावड़ी, तालाब आदि व नदियों के जल को संरक्षित व साफ़ रखने की बात की। अध्यक्षीय उद्बोधन में जल साक्षरता की आवश्यकता जताते हुए कृष्ण कांत राठौर ने बिना जल की उपलब्धता के हम नव विकसित राष्ट्र की कल्पना नहीं कर सकते, इसलिए जल के दुरुपयोग को रोकने का संकल्प लें।
पोस्टर प्रतियोगिता में  विजेता रही गायत्री

कार्यक्रम संयोजक नेहरू युवा केन्द्र के राष्ट्रीय प्रतिभागी गोविंद प्रजापत ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। जिसमें पोस्टर प्रतियोगिता में गायत्री खत्री,नवनीत राठौर व ज्योति कुशवाह तथा प्रश्नोत्तरी में शिवा नरवाला और नवनीत विजेता रहे। प्राचार्य डॉ सविता लौरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. किरण शर्मा, संगीता, राकेश मीणा, व महेंद्र प्रजापत, नंदकिशोर श्रृंगी और देवी लाल बैरागी सहित स्टाफ सदस्य और छात्र छात्राएं मौजूद रहे।