बच्चों के सर्वोत्तम हित में समग्रता से प्रयास करें- श्रीमती सुनीता यादव

जेजे अधिनियम2015 व पॉक्सो अधिनियम 2012 पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

दतिया @rubarunews.com>>>>>>>>>> राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष श्रीमती सुनीता यादव के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लैंगिक अपराधों बालकों का संरक्षण अधिनियम ( पोक्सो) -2012, तथा किशोर न्याय बालको की देखरेख और संरक्षण अधिनियम-2015 पर कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एडीआर भवन में आयोजित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहीं श्रीमति सुनीता यादव द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीशश्रीमती यादव द्वारा बताया गया कि बाल अधिकार संरक्षण हेतु किए जाने वाले प्रयास मत्वपूर्ण हैं। हम सबको बालमित्र जिला बनाने हेतु समग्रता से कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम में कलेक्टर संजय कुमार द्वारा आव्हान किया कि हमें अपने बच्चों को अपनी संपत्ति न मानकर उनको विकास के सभी अवसर प्रदान किए जावें। ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ द्वारा बाल मित्र स्पेस बनाने की बात कही। साथ ही जिले में बाल भिक्षवृत्ति को रोकने हेतु कार्ययोजना बनाकरआवश्यक प्रयास किए जावें।  वहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश खटीक द्वारा विधिक सेवाओं को जरूरतमंद को मुहैया कराने के प्रयासों में सहभागी बनने की बात कही। श्री खटीक ने समस्त प्रतिभागी स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, पीएलव्ही, थानों पर तैनात बाल कल्याण अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई, व विभागीय अधिकारियों को मिलकर बाल कल्याण के लिए कार्य करने हेतु आव्हान किया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति के रूप में बचपन बचाओ आंदोलन राज्य से आये बबन प्रकाश ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर व्यापक जानकारी देते हुए प्रभावी प्रस्तुतिकरण किया गया साथ ही किशोर न्याय बोर्ड के क्रियान्वयन पर जानकारी दी।  उन्होंने प्रदेश में हुए विभिन्न प्रकरणों का उदाहरण देकर समझ बनाने का प्रयास किया। इसी क्रम में सलमान मंसूरी बचपन बचाओ आंदोलन भोपाल ने लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम -2012 के कानूनी प्रावधान बताते हुए बाल कल्याण समिति, लैंगिक हिंसा के प्रकार और उनके सजा व जुर्माने को व्यापक रूप से बताया साथ ही विधिक सेवा पाने एवं क्षतिपूर्ति पाने के अधिकार पर सहज सरल प्रक्रिया की जानकारी दी।

आयोजित कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री मधुसूदन मिश्रा जी, न्यायाधीश ऋचा गोयल, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डीएसपी दिव्या सिंह राजावत, जिला विधिक सहायता अधिकारी अंकिता शांडिल्य, बालमित्र, सदस्य डीसीपीसी व पीएलव्ही रामजीशरण राय, बाल संरक्षण अधिकारी धीरसिंह कुशवाहा, कुश मिश्रा, राजीव चौबे, ब्रजेन्द्र सिंह कौरव, आकाश श्रीवास्तव, सुश्री जैन, श्रीमती प्रतिमा पाठक, घनश्याम व जिले के विभिन्न थानों पर पदस्थ बाल कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी भाण्डेर सपना यादव, सेंवढ़ा गुर्जर, एसजेपीयू दल सदस्यगण, चाइल्ड लाइन टीम, पीएल्वही संतोष उपाध्याय, तनमय मिश्रा, पंकज जड़िया, सत्येन्द्र दिसोरिया, अहिरवार, अनुज सक्सेना, अंकिता श्रीवास्तव, रानी यादव, फरीन खान आदि लोग मौजूद रहे।