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मीडिया लिटरेसी के ज़रिए युवा हो सकेंगे सूचनाओं के प्रति जागरूक- डॉ मनीष जैसल

सूचना साक्षरता समाज के लिए आवश्यक- शान्तनु अग्रवाल मैंनेजिंग ट्रस्टी
सत्याग्रह – द मार्च ऑफ फ़ैक्टशाला के अन्तर्गत आयोजित हुई कार्यशाला, छात्रों ने सीखें फ़ेक न्यूज़ से बचाव के टूल्स

दतिया @ rubarunews.com>>>>>>>>>>> समुदाय में फ़ेक न्यूज़ से बचाव के टूल्स, सोशल मीडिया व सूचना साक्षरता की व्यापकता हेतु श्रीरावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट व स्वदेश ग्रामोत्थान समिति दतिया के तत्वावधान में फ़ैक्टशाला, डेटा लीड्स तथा गूगल न्यूज़ इनिसिएटिव के सौजन्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सभागार एसआरआई सी-विंग में आयोजित किया गया। कार्यशाला में एसआरआई के मैनेजिंग ट्रस्टी शान्तनु अग्रवाल, स्वदेश ग्रामोत्थान समिति के संचालक रामजीशरण राय, हर्षित चौहान कार्यक्रम समन्वयक एसआरआई दतिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


फ़ैक्टशाला के प्रशिक्षक डॉ मनीष जैसल ने सूचना साक्षरता पर प्रशिक्षण दिया
उक्त कार्यशाला सत्याग्रह- डे मार्च ऑफ फ़ैक्टशाला की थीम के अन्तर्गत आयोजित हुई। जिसमें फ़ैक्टशाला के प्रशिक्षक डॉ मनीष जैसल ने सूचना साक्षरता पर एसआरआई के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने सूचना साक्षरता तथा फ़ेक न्यूज़ से बचाव से जुड़े कई टूल्स और टेक्निक बताई।
फ़ैक्टशाला के ट्रेनर डॉक्टर मनीष जैसल जनसंचार तथा पत्रकारिता विभाग आईटीएम में विभाग प्रमुख हैं तथा फ़ेक न्यूज़ से बचाव से जुड़ी हुई 100 से अधिक कार्यशाला अब तक कर चुके हैं।


ट्रेनिंग के दौरान डॉ जैसल ने फ़ैक्टशाला के उद्धेश्य को बताते झुए कहा फ़ैक्टशाला के माध्यम से हम देश के अलग अलग हिस्सों के भिन्न ग्रुप को सूचना साक्षरता के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। जिसमें गूगल न्यूज़ इनिसिएटिव तथा डेटा लीड्स बड़े स्तर पर इस कार्य को पूरा करने में लगा है जिससे एक ऐसा समाज बनाया जा सके जहाँ सूचनाएँ किसी हिंसा का कारण ना बने। उन्होंने बताया कि आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट के युग में सटीक और विश्वसनीय सूचनाओं का अनुमान लगाना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाचार स्रोतों की जाँच, वेबसाइटों की प्रामाणिकता, और तथ्यों की जांच के लिए विभिन्न तरीके और उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
आयोजन दल के रामजीशरण राय, सामाजिक कार्यकर्ता व एसआरआई के हर्षित चौहान ने संबोधित किया
इस दौरान आयोजन दल के रामजीशरण राय, सामाजिक कार्यकर्ता व एसआरआई के हर्षित चौहान समन्वयक ने कहा कि आज के दौर में फ़ेक न्यूज़ का चलन ज़्यादा है ऐसे में हम इससे कैसे बचें इस पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है। छात्र और शिक्षक भी कई बार भ्रामक सूचनाओं के जाल में फँस जाते हैं ऐसे में उन्हें इससे बचाने के लिए ऐसी कार्यशालाएँ मदद करती हैं।


व्याख्यान में एक्सेस फैक्ट चेकिंग टूल्स और वेबसाइट्स के बारे में भी चर्चा की
कार्यशाला में जैसल ने इस विशेष व्याख्यान में एक्सेस फैक्ट चेकिंग टूल्स और वेबसाइट्स के बारे में भी चर्चा की, जिनसे लोग समाचार और जानकारी की वैधता का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने युवा पीढ़ी को फेक न्यूज़ और भ्रामक खबरों से सावधान रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सटीक जानकारी की उपलब्धता और सावधानी पूर्वक नजर रखना समृद्धि और सकारात्मक सोच के लिए आवश्यक है। साथ सूचनाओं के प्रकार, जैसे मिसइन्फ़र्मेशन, डिसइन्फ़र्मेशन, प्रपोगेंडा आदि के अलावा डेवलपमेंट ऑफ़ क्रिटिकल थिंकिंग, बायसनेस व फ़ेक न्यूज़ को जाँचने के टूल्स और टेक्निक पर बिस्तार से चर्चा की।

कार्यशाला में मुख्य रूप से उपस्थित रहे गणमान्य नागरिक
आयोजन का संचालन अशोककुमार शाक्य समाजसेवी व आभार व्यक्त अजीत सर ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ ही बलवीर पाँचाल, पीयूष राय, ब्रजेंद्र कुमार, नमित त्रिपाठी, मोहनी परिहार, प्रीति शिवहरे, मुस्कान राय, उदय दाँगी, रवि बघेल, शिवा राय सहित आरआई स्टाफ व अन्य उपस्थित रहे। उक्त जानकारी स्वदेश संस्था के आयुष राय ने दी।