योग दिवस काउंटडाउन अभियान बना जनजागरण का माध्यम, विद्यालयों में गूंजा स्वास्थ्य, अनुशासन और भारतीय संस्कृति का संदेश
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-जिला प्रशासन व आयुर्वेद विभाग के तत्वावधान में 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन अभियान ने जिलेभर में नई ऊर्जा और उत्साह का वातावरण निर्मित कर दिया है। योग जागरूकता अभियान के अंतर्गत सोमवार को दो विद्यालयों में विशेष योग शिविर आयोजित किए गए, जहां विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संस्कारित जीवन का संकल्प लिया।पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगंज बालाजी में आयोजित कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक भूपेन्द्र योगी ने विद्यार्थियों को सामान्य योगाभ्यास क्रम का अभ्यास करवाते हुए योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व की जानकारी दी, उन्होंने उन्नत योगासनों का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को योग प्रतियोगिताओं एवं योग में भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया। इस दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली। प्रशिक्षक भूपेन्द्र योगी ने कहा कि “योग केवल शरीर को लचीला बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह आत्मविश्वास, अनुशासन और आत्मशक्ति जागृत करने का माध्यम है।” शारीरिक शिक्षक अंकुर निम्बार्क ने योग एवं खेल गतिविधियों के समन्वय को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार बताते हुए विद्यार्थियों से प्रतिदिन कुछ समय योग एवं प्राणायाम के लिए निकालने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य मीनाक्षी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया।
इसी क्रम में राजकीय विद्यालय, बालचंदपाड़ा में आयोजित योग शिविर में राष्ट्रीय योग खिलाड़ी विशाल गुर्जर ने विद्यार्थियों को सामान्य योगाभ्यास क्रम के विभिन्न योगासन एवं सूर्य नमस्कार सहित कपालभाति अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की गौरवशाली पहचान बताते हुए कहा कि “योग वह शक्ति है, जो शरीर को ऊर्जा, मन को स्थिरता और जीवन को नई दिशा प्रदान करती है।” शारीरिक शिक्षक विजयभान सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को मानसिक एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच के लिए योग से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया। जिलेभर में चल रहा योग दिवस काउंटडाउन अभियान युवाओं एवं विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य एवं आत्मअनुशासन से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
