ठगी का शिकार हो रहे लोग, -मुद्रा लोन देने के नाम पर 50 हजार तो टॉवर का झांसा देकर 37 हजार किये खाते से पार

भिण्ड। साइबर बदमाश ठगी का रोज नया तरीका इजाद करने लगा है। कभी इनाम फंसने का लालच देकर तो कभी एटीएम कार्ड लॉक होने के नाम पर ठगी की घटना को अंजाम दिया जाता था। लेकिन बदमाशों ने अब तरीका बदल लिया है। अब ठगी के लिए प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल किया जा रहा है जिन्होंने फर्जी बेवसाइड तैयार कर लोगों को प्रधानमंत्री मुद्रा लोन का झांसा देकर फसाया जा रहा है प्रधानमंत्री का फोटो देखकर लोग आसानी से फस जाते हैं तो उधर नई-नई कंपनियों के टॉवर का लगवाने का लालच देने में ठग नहीं चूक रहे हैं इसके बदले में छोटी सी रकम की मांग करते हैं ताकि लोग आसानी से उनके चंगुल में फस जाये। इसी तरह के दो मामले देहात थाना क्षेत्रांतर्गत देखने को मिले हैं जहां फर्जी मुद्रा लोन बेवसाइड व टॉवर का झांसा देकर हजारों रुपये की ठगी का शिकार हुए दो युवक थाने में फरियाद लेकर पहुंचे है। पुलिस ने पीडि़तों की शिकायत पर ठगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर उनकी पड़ताल शुरु कर दी है। इस संबंध में जब थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फर्जी कॉल व बेवसाइडों से लोग सावधान रहे किसी के लालच व बहकावे में न आये। हर रोज कोई न कोई बैंक उपभोक्ता इन ठगों का शिकार हो जाता है हुआ। शुरुआत डेबिट कार्ड बदलने से हुई फिर बैंक अधिकारी बनकर लोगों को चूना लगाया गया। फिर क्लोन तैयार करने का तरीका इजाद हुआ। जिलेभर में इस तरह से कई लोग ठगी का शिकार हो चुके है फिर भी लोग चंद लालच में आकर समझादी दिखाने की बजह अपने खातों को खाली कराने में लगे हुए हैं।
पीएम मुद्रा लोन के नाम पर 50 हजार 600 रुपये पार
देहात थाना क्षेत्र के जामना रोड निवासी अमरचन्द्र गोयल पुत्र माता प्रसाद गोयल जिन्होंने 3 फरवरी 2021 इंटरनेट पर फर्जी प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की बेवसाइड देखी तो उन्होनेें लोने देने वाले मैनेजर को कॉल लगाया जिसके बाद उसने भी लोन का पूरा आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंनें प्रोसिसिंग फीस के नाम पर खाते में रुपये भेजने का कहा तो लालच में आकर खाता नं. 62294172029 में 50 हजार 600 रुपये डाल दिये, जिसके बाद लोन देने वाले अधिकारी का फोन बंद जाने लगा। एक साल गुजर जाने के बाद देहात थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी।
टॉवर कंपनी ने दिया ऑफर, खाते में डाल दिये 37 हजार रुपये
देहात थाना क्षेत्र के अत्रे नगर निवासी सुमनत बाबू पुत्र मोतीलाल बाल्मीक ने विगत 18 मई 2015 में यानी 5 वर्ष पहले एक दीवार पर टॉवर लगवाने के लिए ऑफर देखा था, जिसके बाद उसके मन मेंं लालच आया और उसने संपर्क किया तो कंपनी वाले भी उसके पीछे पड़ गये, बार-बार कॉल लगाकर खाता नं.500000102035420 में 37 हजार रुपये डलवा लिए फिर उसे घुमाने लगे और लगभग 5 वर्ष बीत गये जब बात नहीं बनी तो फरियादी ने थाने पहुंचकर आरोपी जगजीत सिंह पुत्र बूटा ङ्क्षसह, सूरज उर्फ सुखराज निवासी बिजली घर वाली गली भटिण्डा पंजाब के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी।
बाहर के मोबाइल नंबरों से हो रही ठगी
बैंक उपभोक्ताओं को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले अधिकतर लोग दूसरे राज्यों के होते हैं। जिस खाते में वह फर्जीवाडा करके पैसे ट्रांसफर करते हैं वह खाते भी फर्जी होते हैं। जब तक पुलिस की जांच खाता धारक तक पहुंचती हैए वहां कुछ नहीं मिलता। इसी प्रकार जिस मोबाइल से फोन किए जाते हैं, वह भी फर्जी आईडी पर निकलवाए होते हैं। इसलिए इस प्रकार के मामले ट्रेस करना पुलिस के लिए सिरदर्द बने रहते हैं।
ऐसे दे रहे झांसा
पुलिस के अनुसार ठगी करने वाले शातिर प्रोफेशनल हैं। कभी ये कस्टमर केयर से फोन करके एटीएम कार्ड रिन्यू करने की बात कहते हैं तो कभी कॉल सेंटर से फोन करके नौकरी का झांसा देते हैं। शातिर इतने चतुर हैं कि बातों-बातों में वे बैंक की सारी डिटेल हांसिल कर लेते हैं। लोगों को फोन पर ज्यादा देर तक उलझाकर रखते हैं ताकि इनके अकाउंट को हैक कर सकें। जब उनका खाता हैक हो जाता है और नकदी को दूसरे खातों में भेज देते हैं। जब तक व्यक्ति समझता है तब तक उसके साथ ठगी हो चुकी होती है।
इनका कहना है:

फर्जी कॉल्स व बेवसाइडों से लोग सावधान रहे किसी के लालच व बहकावे में न आये, जरा सी लापरवाही आपके खाते को खाली कर सकती है सजग व सावधान रहें।
-ध्यानेन्द्र यादव, थाना प्रभारी देहात