विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान आयोजित
श्योपुर.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के संयुक्त तत्वावधान में गांव सालापुरा आदिवासी बस्ती एवं गांव जाटखेड़ा में जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण अधिकारी विष्णुकांत दुबे ने बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 2016 की जानकारी देते हुए बाल श्रम के दुष्प्रभावों एवं बच्चों के अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है तथा बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित बचपन का अधिकार प्राप्त है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य गौरव आचार्य ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बाल मजदूरी, बाल शोषण एवं बाल अधिकारों के उल्लंघन की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देने की अपील की। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर आरकेएसके काउंसलर विप्लव शर्मा ने किशोर-किशोरियों के लिए कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं एवं विभागों जैसे महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल मजदूरी, शोषण या किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में संबंधित विभागों से सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, नशा मुक्ति एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की।
