आरटीओ के मानकों की अनदेखी, जान-जोखिम में डाल करा रहे राहगीरों को सफर

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> आए दिन हो रही सडक दुर्घटनाओं के बाद भी सुरक्षित परिवहन को लेकर कोई जागरूकता नहीं दिखा रहा। नगरीय क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर रोज असुरक्षित सफर के नजारे दिखना आम बात सी हो गई है। शहर के लहार चुंगी चौराहे पर चालक रोंग साइड में वाहन टर्न करते है, इसके साथ ही किसी भी चौराहे व तिराहे पर पुलिस जवान तैनात न होने के चलते चालक मनमानी पर उतारु हैं वहीं यातायात नियमों की अवहेलना करके वाहन चालक ओवरलोड तो बेतरतीब ढंग से यात्रियों को वाहनों में बैठाकर गाडियां दौडा रहे हैं। इन पर कार्रवाई करे कौन, क्योंकि यातायात पुलिस तो नगर में है ही नहीं। कभी-कभी पुलिस सख्ती दिखाकर नगर के सडक किनारे चार पहिया वाहनों के चालकों को समझाइश देकर उन्हें वाहन साइड में लगवाने की कार्रवाई कर लेती है या फिर चालानी कार्रवाई करती है। लेकिन पुलिस के कार्रवाई के बाद जाते ही हालात फिर पहले से बन जाते हैं। शहर में अनगिनत जगह अघोषित स्टैंड संचालित हो रहे है जो दिनभर जाम के हालात पैदा करते है जिस पर भी किसी अफसर की नजर नहीं पड़ रही है। यातायात पुलिस शहर के अंदर सिर्फ खाना पूर्ति के लिए बाइक चालकों के चालान काटने तक सिमटकर रह गये हैं जबकि वाहन में माल के साथ यात्री भी कई लोडिंग वाहनों में दुकानों के सामानों के अलावा यात्रियों को भी बेतरतीब ढंग से बैठाकर दौड़ाए जा रहे हैं। नगर से गुजरते हुए कई वाहनों को इस प्रकार से देखा जा सकता है जहां इन वाहनों में यात्रियों के साथ माल ढोने का भी काम किया जा रहा है। जिस पर किसी तरह की कार्रवाई के लिए अफसर ध्यान नहीं दे रहे है इन दिनों कोरोना महामारी चल रही है जिसके बचाव के लिए मास्क व सोशल डिस्टेसिंग जरुरी है फिर भी यात्री वाहनों के अंदर जमकर इसकी धज्जियां उड़ाई जा रही है ऐसे वाहनों पर किसी तरह का शिकंजा कसना जरुरी नहीं समझ रहे है यह हालात तब है जब लगातार तीसरी लहर की चेतावनी आ रही है।

 

जान जोखिम में और ताक पर नियम

शहर के अटेर रोड, लहार चुंगी, भारौली रोड, सुभाष तिराहा, इटावा रोड क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीणों को गांव तक पहुंचने के लिए ग्राम का ही साधन मिल जाए तो फिर ग्रामीण यात्री यातायात नियमों की परवाह ही नहीं करते। बुधवार को कुछ इसी तरह का नजारा देखने मिले। जहां एक ग्राम में जाने वाले लोग चार पहिया वाहन में पीछे लटकते हुए अपने गांव गए। इसी तरह का नजारा एक दो दिन का नहीं इन चौराहे व तिराहे पर रोजाना देेखने को मिल सकता है फिर भी लोगों की जान की कोई परवाह नहीं कर रहा है।

 

गांव से ओवरलोडिंग की शुरुआत

नगर के आसपास 10 से 20 किमी के क्षेत्र में बसे गांवों से बडी़ संख्या में चार पहिया वाहन, टाटा मैजिक व पिकअप, ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे वाहन आते हैं। इनमें यात्रियों को ओवरलोड तरीके से बैठाकर तेज गति से दौडाय़ा जाता है। नगर में एक नजारा ऐसा भी देखने मिला, जिस टाटा मैजिक वाहन में बुुजुर्ग लटककर सफर कर रहे थे। जिला परिवहन विभाग ने वाहनों के लिए निर्देश जारी किये थे कि बिना मानक पूरी किये सड़क पर वाहन नहीं दौड सकेंगे और न ही अवैध स्टैण्ड से सवारियां बैठा सकेंगे, जिसके बाद भी शहर में अनगिनत जगह बस स्टैंड की भरमार हो चुकी है। मनचाही जगह पर वाहन खड़ा कर देना अब आम बात हो चुकी है।

सुविधा अनुरूप बन रहे स्टैण्ड

भारौली रोड, लहार चुंगी, इटावा रोड, अटेर रोड, इंदिरा गांधी, संतोषी माता मंदिर, ग्वालियर रोड, लावन रोड, मुखडिया खेड़ा आदि जगह अघोषित स्टैण्ड संचालित हो रही है और यहां पर वाहनों के अंदर-बाहर सवारियां भरी जाती है जो किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देती हुई नजर आ रही है जिस पर किसी तरह की कार्रवाही नहीं की जा रही है जिसके चलते चालकों के हौंसले बुलंद है और अपनी जेबे भरने में लगे हुए हैं वहीं शहर में दर्जनों स्थान पर अपनी सुविधा के अनुरूप स्टैंड बना रहे हैं।