सेवा के प्रकल्पों से मिल रही कोविड मरीजों को राहत

कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से कोटा शहर में कोविड रोगियों के लिए प्रारंभ किए गए प्रकल्प राहत का बड़ा सबब साबित हो रहे हैं। इन प्रकल्पों के माध्यम से एक ओर कोविड रोगियों को जहां प्राणवायु मिल रही है, वहीं उनके परिजनों को भी इन प्रकल्पों ने संसाधनों की व्यवस्था की परेशानी से मुक्ति दिला दी है।

 

अब तक 457 लोगों को घर पर मिला आक्सीजन कंसंट्रेटरः
कोटा आक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक के माध्यम से ऐसे कोविड रोगियों को आक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं जिनका उपचार घर पर ही चल रहा है, लेकिन उन्हें आक्सीजन की आवश्यकता है। बैंक कोटा शहर में 5 लीटर क्षमता के 83 , 8 लीटर क्षमता के 20 तथा 10 लीटर क्षमता के 25 आक्सीजन कंसंट्रेटर यानि कुल 128 आक्सीजन कंसंट्रेटर निशुल्क उपलब्ध करवा रहा है। अब तक कुल 457 रोगियों को आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा नि:शुल्क दी गई है। बैंक के संस्थापक सदस्य और करियर पाइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी ने बताया कि आक्सीजन कंसंट्रेटर की मांग काफी अधिक है, लगातार कन्संट्रेटर के लिए फ़ोन आ रहे हैं । बैंक की ओर से और आक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए आर्डर दिया गया है लेकिन आपूर्ति में देरी हो रही है। बैंक जल्द ही आक्सीजन कंसंट्रेटर की संख्या 150 से अधिक कर देगा।

अस्पताल में दाखिले से पूर्व मिलती है प्राणवायुः
कोटा आक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक की ओर से न्यू मेडिकल काॅलेज अस्पताल परिसर में एक विशेष एंबुलैंस में आक्सीजन की व्यवस्था की गई है। इस एंबुलैंस के माध्यम से उन कोविड रोगियों को आक्सीजन दी जाती है जो उपचार के लिए न्यू मेडिकल काॅलेज अस्पताल आते हैं, लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें भर्ती नहीं किया जाता या भर्ती होने में समय लगता है। इस दौरान आक्सीजन की कमी के कारण उनके प्राणों पर कोई संकट नहीं आए इसको देखते हुए यह सुविधा प्रारंभ की गई है। इस एंबुलैंस के माध्यम से अब तक कई रोगियों को आक्सीजन उपलब्ध करवाई जा चुकी है।

13 कोविड रोगियों का हुआ निशुल्क अंतिम संस्कारः
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भावना है कि मृत कोविड रोगियों की पार्थिव देह की बेकद्री नहीं हो तथा उनका अंतिम संस्कार विधि-विधान और सम्मान के साथ हो। इसके लिए बिरला की प्रेरणा से अंतिम संस्कार की सामग्र निशुल्क उपलब्ध करवाने के लिए सेवा प्रारंभ की गई है। इसके तहत दिवंगत व्यक्ति के परिजनों को काॅल करने पर किशोरपुरा मुक्तिधाम तथा केशवपुरा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी तथा अन्य सभी सामग्री निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। अब तक छह दिवंगतों का इस सेवा के माध्यम से निशुल्क अंतिम संस्कार किया जा चुका है।

तीमारदारों को मिली रहने-खाने की मिली सुविधाः
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से ग्रामीण क्षेत्रों से कोविड का उपचार करवाने के लिए कोटा के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों और तीमारदारों के लिए 18 मई से ही दिगंबर जैन बघेरवाल संघ ने जीएमए अध्यक्ष राकेश जैन के सहयोग से नि: शुल्क आश्रय स्थल प्रारंभ किया है। प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों के परिजन इस आश्रय स्थल में पहुंच रहे हैं । यहां इन लोगों को चाय के साथ दिन में दो बार पौष्टिक भोजन तथा रात में आराम करने के लिए आरामदेह बिस्तर की सुविधा दी जा रही है।

एक काॅल पर आने वाली एंबुलैंस दूर करती है तनावः
निजी एंबुलेन्स संचालकों द्वारा कोविड मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनसे मनमाने पैसे वसूलने की खबरों को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा पर शहर में निशुल्क एंबुलैंस सुविधा प्रारंभ की गई। एक काल पर आने वाली इस सेवा में आॅक्सीजन सुविधा युक्त तीन एंबुलैंस शहर के कोविड मरीजों को अस्पताल निशुल्क पहुंचाने का काम कर रही हैं। एंबुलैंस में पल्स आक्सीमीटर भी उपलब्ध करवाया गया है ताकि मरीज के आक्सीजन स्तर की जांच की जा सके। मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद यह एंबुलैंस तब तक वहीं इंतजार करती है जब तक की मरीज को भर्ती नहीं कर लिया जाता है। इससे मरीज को आक्सीजन की उपलब्धता तो सुनिश्चित होती है, किसी दूसरे अस्पताल जाने की स्थिति बनने पर मरीज को परेशानी नहीं होती। 24 घंटे 7 दिन उपलब्ध इस सेवा का अब तक 110 से अधिक कोविड मरीज़ों को घर से अस्पताल व अस्पताल से घर पहुँचाया है । परिजनों का भी कहना है कि एक ओर निजी एंबुलैंस हैं जो मनमाना किराया वसूलने के साथ आने में भी काफी समय लगाती हैं, वहीं दूसरी ओर लोकसभा अध्यक्ष बिरला जी की प्रेरणा से प्रारंभ निःशुल्क एंबुलैंस सेवा है जिसमें काॅल करने के करीब 30 मिनट में एंबुलैंस आ जाती है और कोविड मरीज को निशुल्क और सम्मान के साथ अस्पताल पहुंचाती है।

घर बैठे मिल रही निशुल्क दवा किटः*
ऐसे कोविड मरीज जिनके घर में कोई तीमारदार नहीं है या जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है उनको लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से आवश्यक दवाएं घर पर ही पहुंचाई जा रही हैं। इसके लिए व्यक्ति को हेल्पलाइन नम्बर पर काॅल करना होता है, जिसके बाद कोविड के उपचार से संबंधित सभी आवश्यक व जरूरी दवाओं की होम डिलिवरी की जाती है। पूरे कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में दी जा रही इस नि:शुल्क सेवा का लाभ अब तक 2700 से अधिक जरूरतमंद कोविड रोगी ले चुके हैं। इसके अलावा गांव में बनाए गए स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को यह दवा किट उपलब्ध करवाई गई हैं। यह कोरोना योद्धा सैनिक कोविड रोगी को डाक्टर से परामर्श दिलवाकर उनको आवश्यक दवाएं मुहैया करवा रहे हैं।