संविधान के मूल भाव को अपने जीवन मे उतारे – यादव Impart the core values ​​of the Constitution in your life – Yadav

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com>> राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संविधान दिवस के अवसर पर डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवार शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय बून्दी में सेमिनार व परिचर्चा का आयोजन किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित सेमिनार में बाल कल्याण समिति सदस्य छुट्टन लाल शर्मा, पैनल अधिवक्ता अमर सिंह राठौड़ व असिस्टेंट प्रोफेसर पीएलवी सर्वेश तिवारी मुख्य वक्ता रहें। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोन्धित करते हुए यादव ने भारत के संविधान की प्रस्तावना, मूल कर्तव्य व मौलिक अधिकारों के बारे में प्रशिक्षणार्थी शिक्षक शिक्षिकाओं को रूबरू करवाया। साथ ही संविधान के मूल कर्तर्व्यों व मौलिक अधिकारों पर भावी शिक्षक शिक्षिकाओं से परिचर्चा करते हुए उन्होंने आव्हान किया कि सम्भागी संविधान के मूल भाव को अपने जीवन मे उतारे  तथा  विधिक सहायता  से वंचितों को लाभान्वित करें। उन्होने संविधान की पालना हेतु संकल्प दिलवाया ।

संविधान के मूल भाव को अपने जीवन मे उतारे – यादव Impart the core values ​​of the Constitution in your life – Yadav

मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए शर्मा ने संविधान की आवश्यकता व महत्व पर प्रकाश डाला। पैनल अधिवक्ता राठौड़ ने विभिन्न संविधानिक प्रावधानों की चर्चा की। पीएलवी सर्वेश तिवारी ने संविधान को कर्तव्यपालन की भावना से आत्मसात कर व्यक्तित्व विकास का संकल्प दिलाया। संस्था के निदेशक विजय बहादुर सिंह ने अतिथियों का अभिनंदन किया।  सेमीनार का संचालन सहायक आचार्य कृष्णकांत राठौर ने किया । संस्था की सविता लौरी ने आभार प्रकट किया। सेमिनार में पैनल अधिवक्ता कमलेश कुमार शर्मा,संस्था के प्रशिक्षणार्थी गोल्डी भारद्वाज, प्रेम लाल, महाविद्यालय की आराधना शर्मा, सीमा शर्मा,राकेश मीणा,नंदकिशोर श्रृंगी व देवीलाल बैरागी सहित शिक्षक प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की।

संविधान- प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया

संविधान दिवस  पर  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बून्दी के परिसर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। इस कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  सुनील कुमार यादव की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्तागण, पीएलवी, कमर्चारीगण व आमजन द्वारा सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया।