नियमितीकरण की मांग को लेकर पेड़ पर चढ़ी आशा कार्यकर्ता

भिण्ड.ShashikantRathore/ @www.rubarunews.com>> आशा कार्यकर्ता एवं उनकी सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल परिसर में स्थित एक पेड पर चढ़कर बैठ गई और बोली जब तक परमानेंट होने का आदेश नहीं आ जाता तब तक वे पेड से नहीं उतरेगी। सभी कार्यकर्ता नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना दे रही आशा, ऊषा और सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अनूठे अंदाज में विरोध प्रकट किया। उनका धरना विगत दिनों से जारी है और आंदोलन के दौरान आशा-ऊषा कार्यकर्ता दो बार राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया का घेराव भी कर चुकी हैं। एक बार उन्हें राज्यमंत्री भदौरिया के गुस्से का शिकार भी होना पड़ा। लेकिन उनका प्रदर्शन लगातार जारी है। वे नियमितीकरण के साथ मानदेय बढ़ोत्तरी की भी मांग कर रही है। साथ ही उन्होंने धमकी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे पेड़ से कूदकर अपनी जान दे देंगी।

 

नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना दे रही आशा,ऊषा और सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अनूठे अंदाज में विरोध प्रकट किया। वे जिला अस्पताल परिसर में स्थित एक पेड़ पर चढ़कर बैठ गई इसी दौरान बोली जब तक परमानेंट होने का आदेश नहीं आ जाताए तब तक वे पेड़ से नहीं उतरेगी। साथ ही धमकी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे पेड़ से कूदकर अपनी जान दे देंगी। हालांकि शाम होते ही वे खुद पेड़ से उतरकर घर चली गई। बता दें कि आशा, ऊषा और सहयोगिनी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर एक जून से लगतार धरने पर हैं। राज्यमंत्री की फटकार के बाद भी उनका धरना प्रदर्शन बंद नहीं हुआ है और लगातार धरना देकर अपनी मांग मनवाने को लेकर अड़ी हुई हैं।