स्वपोषण कर पांच सुधारों से सम्बन्धों की खुशबु को पुष्पित एवं पल्लवित कर सकते हैं -विजय उपमन्यु

दतिया @rubarunews.com शान्त समय में जीवन का मैप बनाकर रिस्तों में सुधार का प्रयास किया जा सकता है। इसके लिए न तो कोई समय निर्धारित है न समय सीमा सम्बन्धो में अपनापन, आत्मीयता , सुंदरता सृजित करने के लिए हमें स्वयं में पांच सूत्र अपनाने होंगे।उक्त विचार राज्य आनंद संस्थान के आनंदम सहयोगी विजय उपमन्यू ने राज्य आनंद संस्थान मध्यप्रदेश द्वारा दतिया जिले के तीन दिवसीय आनंद कार्यक्रम के समापन दिवस के हमारे रिश्ते सत्र में व्यक्त किये।

 

विजय उपमन्यु ने कहा कि धन्यवाद, क्षमा, परिवर्तन, सहायता/मदद, परिवार व समाज के लिए कुछ करना, इन पांच सुधार सूत्रों के द्वारा विगड़े रिस्तों को बचाने एवं फिर संवारने के लिए हमें काफी मदद मिलेगी ।

शांत समय के आत्मपोषण में श्रीमती प्रीति शुक्ला,श्रीमती मंगला त्रिपाठी,श्री सत्यनारायण निरंजन,श्री महेंद्र निरंजन,श्रीमती सीमा साहू,श्री सुदीप तिवारी ने अपने विचार रखे।

आनंदक परिचय कार्यक्रम का तीसरे दिवस में विधिवत शुभारम्भ राज्य आनंद संस्थान के आनंदम सहयोगी विजय उपमन्यु द्वारा प्रार्थना “हे प्रभु आनंददाता ज्ञान हमको दीजिये से ” हुआ।आनंद कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर राजा खान ने रिस्तों में सुधार के सम्वन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन जैसे वढ़ता जाएगा बेसे ही रिश्ते भी निर्मित होते रहेंगे।उन्होंने रिस्तो को जोड़ने और टूटने के कारणों पर वविस्तार से प्रकाश डाला साथ ही आनंदकों के विचार भी जाने।
आनंदकों में महेंद्र शर्मा, बलराम शर्मा ,सुखसिह गौतम ने रिस्तों के बारे में अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए।

मास्टर ट्रेनर एवं सम्भागीय समन्वयक इंजीनियर ए के शर्मा ने कहा कि समबन्धों को पुनर्जीवित करने के लिए यदि हमें माफी मांगनी या क्षमा करना पड़े तो तुरंत कर देना चाहिए।क्यो कि इन्ही रिस्तों में आनंद की खुशवू आती है।

कार्यक्रम को मास्टर ट्रेनर्स श बलवीर वुन्देला, श्रीमती दीप्ति उपाध्याय ,श्री बालकृष्ण शर्मा ,सुधीर आचार्य ने भी संबोधित किया।  आनंदम सहयोगी दतिया श्रीमती रेनू गुप्ता ने राज्य आनंद संस्थान से जुड़कर आनंद क्लब के माध्यम वृद्धजनों की सेवा और वृद्धाश्रम खोलने की इच्छा जाहिर की।

कार्यक्रम के समापन पर दतिया के आनंदम सहयोगीयो मनोज द्विवेदी, प्रदीप जैन, राजेश शुक्ला ने व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों व जन सामान्य को आनंद कार्यक्रम से जोड़ने का संकल्प लिया साथ ही प्रति माह एक दिवसीय ऑनलाईन मासिक वैठक आयोजित करने का भी संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में आनन्दम सहयोगी विजय उपमन्यु एवम दीप्ति उपाध्याय के “कौन है जिम्मेदार” प्रेरणा गीत से कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में आनंदक सत्यनारायण निरंजन, महेंद्र शर्मा, बादाम सिंह यादव, वलराम शर्मा, सीमा साहू, अनुराधा दुवे, नीलम गुप्ता, सुखसिंह गौतम, सुदीप तिवारी, मंगला त्रिपाठी, प्रीति शुक्ला, रेणु गुप्ता सहित 40 आनंदको ने सहभागिता की।