संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए खतरा – जोशी

जयपुर .K.K.Rathore/ @www.rubarunews.com-भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि के उपलक्ष में राजीव गांधी स्टडी सर्कल और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में “लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता जरूरी है” विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया । वेबिनार के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉक्टर सी पी जोशी जी थे और अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने की ।

वेबिनार की मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने कहा कि भारत में संसदीय लोकतंत्र अपनाने का मुख्य कारण इसकी विविधता है । भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए ही लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से संविधान की रचना की गई । उन्होंने कहा कि इंफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी को स्वर्गीय राजीव गांधी ने बहुत मजबूत बनाया लेकिन आज उसी का दुरुपयोग करके विपक्ष की और विरोध की आवाज को दबाया जा रहा है । आज देश एक अलग तरीके की चुनौती का सामना कर रहा है । इस देश में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करके संसदीय लोकतंत्र को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है । देश के निर्माण में विभिन्न धर्मों, भाषाओं, विचारों और संस्कृतियों के लोगों को समान अवसर मिलना चाहिए। संसद के चलते हुए भी ऑर्डिनेंस के द्वारा सरकार चलाई जा रही है ताकि संसद की भूमिका को समाप्त किया जा सके । उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि हमें यह समझने की आवश्यकता है कि संसदीय लोकतंत्र ही असली भारत को जिंदा रख सकता है ।

विषय प्रवर्तन करते हुए तकनीकी व संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी जी की हमेशा यह कोशिश रही कि बंपर बहुमत होने के बावजूद विपक्षी दलों को पूरा सम्मान दिया जाए और उनके विचारों को अपने निर्णयों में शामिल किया जाए ।
विशिष्ट अतिथि राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि पंडित नेहरू ने हमेशा अपने विपक्षियों को सरकार की आलोचना करने और उसके काम में सुधार करने का पूरा अवसर दिया

उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी जी ने इस वेबिनार में अपने विचार रखते हुए कहा कि जहां एक ओर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने सत्ता का विकेंद्रीकरण किया और पंचायती राज के माध्यम से गांव-गांव तक जनप्रतिनिधि चुने जाने और उन्हें शासन चलाने अधिकार दिया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनकल्याण के लिए बनती है । यह उद्देश्य तभी पूरा होगा जब सार्वजनिक संस्थाओं को पूरी स्वतंत्रता प्राप्त हो । लोकतंत्र की पहचान ही यही है कि सभी संस्थाएं दबाव मुक्त होकर काम कर सकें

इस अवसर पर आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन और पूर्व कुलपति प्रो बी एम शर्मा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो डी पी जारोली, मत्स्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे पी यादव, गोविंद गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आई वी त्रिवेदी, जय नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पी सी त्रिवेदी, राजीव गांधी स्टडी सर्कल के राष्ट्रीय सह समन्वयक प्रोफेसर सतीश राय सहित प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, डॉ विजेंद्र गौतम एनएसएस के जिला समन्वयक, सुनील मीणा राजीव गांधी स्टडी सर्कल के जिला समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ राजेश चौहान मनोज टटवाल सीमा चौधरी संदीप मीणा हेमा रुपावत और हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों ने इस वेबिनार में प्रतिभागिता की ।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के संयोजक और राजीव गांधी स्टडी सर्कल एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य समन्वयक डॉ बनय सिंह ने किया ।