जहां धर्म का प्रभाव होगा वहां पाप ठहर नही सकता.डॉ शास्त्री जी

लहार.ShashiKantGoyal/ @www.rubarunews.com>> उपाध्याय परिवार के सानिध्य में पुरानी गल्लामंडी लहार में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ कथा के तीसरे दिवस कथा बाचक पूज्य गुरु जी डॉक्टर सुरेश चंद्र शास्त्री ने कहा कि कलयुग में जितना ज्यादा हो सके धर्म के साथ साथ भगवान का भजन करना चाहिए क्यों की धर्म के प्रभाव से पाप नही ठहरता है कलयुग में राम के नाम बिना हमारा घर व् आंगन सूना होता है राम के नाम के बिना सब जग सूना मन्दिर सूना इस युग में ईश्वर के प्रति आस्था का कोई पुजारी आकर ज्योति जलाए और कोई राम से मोय मिलाये यह मानव का शरीर में घर प्रभू का है इसलिए इस मानव रुपी घर में ईश्वर को समाहित करो तभी ब्यक्ति का कल्याण होगाएईश्वर इस संसार में सभी ब्याधियो से छुटकारा दिलाता हैएइस श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ में पारीक्षत के रूप में श्री राममूर्ति स्व. द्वारिकाप्रसाद उपाध्याय है

उन्होने आगे बताया देश में भूर्ण हत्या का सबसे बडा कारण समाज मे पनप रही दहेज प्रथा है पूज्य कथा बाचक डॉ. सुरेश चंद्र शास्त्री ने कहा कि भूर्ण हत्या सबसे बडा पाप है और उसका मुख्य कारण दहेज प्रथा है उन्होंने  ध्रुव चरित्र की कथा कहते हुए माताओं को शिक्षा दी की घर को घर नही कहते बल्कि स्त्री का नाम ही घर है स्त्री अगर चाहे तो अपने घर को बेकुन्ठ बना दे बालक की प्रथम गुरु मां होती है मातायें कभी ये न सोचे की मेरा बच्चा जब तक स्कूल मे रहता है तभी तक पढाई करता है बच्चा 24 घंटे पाठशाला मे रह्ता है वो देखता है मेरी मां क्या कर रही है पिता क्या कर रहा है इसलिये बच्चो के सामने कभी अनुचित शब्दों का प्रयोग नही करना चाहिये एअपने बच्चो को अच्छे संस्कार देना चाहिये।