राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 से व्यापार एवं रोजगार को मिलेगा नया संबल
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-राज्य में रिटेल एवं होलसेल व्यापार क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 लागू की गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य नए व्यापार की स्थापना हेतु कम लागत पर ऋण उपलब्ध कराकर व्यापारियों एवं युवाओं को नए अवसर प्रदान करना हैं।
व्यापारियों को मिलेगी सुलभ ऋण सुविधा
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक संजय भारद्वाज ने बताया कि नीति के माध्यम से व्यापार एवं रोजगार के लिए सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध होगी, साथ ही व्यापारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का भी बेहतर लाभ मिल सकेगा। वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से व्यापार आधारित ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान, सीजीटीएमएसई भुगतान, इन्श्योरेन्स प्रीमियम भुगतान तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस के भुगतान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
2 करोड़ रुपये तक ऋण का प्रावधान
राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 के अंतर्गत व्यापार क्षेत्र के लिए अधिकतम ऋण राशि की सीमा 2 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। परियोजनाओं में अचल पूंजी निवेश लागत का अधिकतम 80 प्रतिशत तक ऋण दिया जाएगा। नीति के तहत 5 वर्ष तक देय सीजीटीएमएसई गारंटी फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण किया जाएगा।
इन्श्योरेन्स एवं ई-कॉमर्स शुल्क में राहत
इसी प्रकार इन्श्योरेन्स हेतु भुगतान की गई राशि का 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष) तथा 1 वर्ष तक ई-कॉमर्स के माध्यम से लेन-देन करने हेतु देय प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष) पुनर्भरण जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, बूंदी के माध्यम से किया जाएगा। योजना अंतर्गत ‘सूक्ष्म असंचयन’ आधारित परियोजनाओं में लागत का 10 प्रतिशत एवं अधिकतम ऋण का 90 प्रतिशत तक प्रावधान किया गया हैं।
ब्याज अनुदान का विशेष लाभ
ऋण की समयावधि अधिकतम 5 वर्ष तक होगी तथा ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक देय रहेगा। योजना अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा नये सूक्ष्म व्यापारिक उद्यमों हेतु 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। महिला, एससी/एसटी एवं दिव्यांगजन व्यापारियों को 1 करोड़ रुपये से अधिक एवं 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय होगा।
योजनांतर्गत पात्रता की शर्तें
नए सूक्ष्म व्यापारिक उद्यम स्थापित करने पर व्यक्तिगत एवं संस्थागत (एच.यू.एफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एल.एल.पी. फर्म एवं कंपनी) आवेदक ब्याज अनुदान एवं अन्य परिलाभों ( ई-कॉमर्स, प्लेटफॉर्म फीस, सीजीटीएमएसई फीस व इंश्योरेन्स प्रीमियम पुनर्भरण) हेतु पात्र हैं। एच.यू.एफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एल.एल.पी. फर्म एवं कंपनी की स्थिति में उनका नियमानुसार पंजीकृत होना आवश्यक होगा। एक परिवार में एक ही व्यक्ति को योजनांतर्गत लाभ देय होगा।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
नीति का लाभ लेने के लिए एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करते समय जनआधार कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र एवं परियोजना रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। ई-मित्र के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता हैं। योजनान्तर्गत आवेदन हेतु आवेदक का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है। नीति के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, बूंदी से संपर्क किया जा सकता हैं।