गांवों में संक्रमण की दर ज्यादा, लापरवाही पड़ सकती है भारी

कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरूवार को बूंदी विधानसभा क्षेत्र के लोगों से वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता जताई। बिरला ने कहा कि कोरोना की पहली लहर से अधिकांशतः शहरी क्षेत्र प्रभावित थे। लेकिन इस बार चिंता की बात है कि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज सामने आ रहे हैं। कई गांवों मे ंतो संक्रमण की दर 25 प्रतिशत से भी अधिक है। यह भयावह स्थिति है। हमें ऐसी परिस्थितियों में सजग और सतर्क रहना है। जरा भी लापरवाही बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।

 

बिरला ने कहा कि यह संक्रमण मनुष्य से मनुष्य में फैल रहा है। संक्रमित होने के बाद व्यक्ति की तबीयत में तेजी से गिरावट आती है। खासकर आॅक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है। ऐसे में आवश्यक है कि हम ग्रामीण स्तर पर ही उपचार का वह तंत्र विकसित करें जिससे व्यक्ति को उसे के घर के निकट समुचित इलाज मिल सके।

उन्होंने इसके लिए वार्ड व ग्राम स्तर पर 3 से 5 सदस्यों की स्वास्थ्य कोरोना यौद्धा सैनिकों की टीम बनाने का आव्हान किया। बिरला ने कहा कि इस टीम को सभी संसाधन उनके स्तर पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह कोरोना यौद्धा सैनिक गांव और वार्ड की रक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। कोविड रोगी को परामर्श दिलवाने, दवा की व्यवस्था करवाने तथा गांव में जनजागरण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। टीम को एंबुलैंस की सुविधा भी मिलेगी ताकि वे गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल या नजदीकी बड़े अस्तपाल पहुंचा सके।

बिरला ने कहा कि कोविड के खिलाफ हमें सामूहिकता की भावना से काम करना होगा। हम स्वयं, परिवार तथा समाज को सुरक्षित बनाएंगे तो कोरोना की चेन को भी तोड़ सकेंगे।

टेस्टिंग के लिए राज्य सरकार से करेंगे बात वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अनेक क्षेत्रों के लोगों ने बिरला को बताया कि गांवों में टेस्टिंग नहीं हो रही है। रिपोर्ट आने में भी 4 दिन से लेकर एक सप्ताह लग रहा है। इस दौरान मरीज की तबियत ज्यादा बिगड़ जाती है। बिरला ने कहा कि वे इस विषय में राज्य सरकार को अवगत करवाएंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रेपिड एंटीजन टेस्ट करवाने के लिए भी कहेंगे ताकि रिपोर्ट हाथों हाथ मिल जाए