राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा बच्चों के स्वास्थ्य और मस्तिष्क विकास पर फोकस जिलेभर में हो रहे विविध आयोजन
बूँदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में 8वां राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा एक व्यापक जन-आन्दोलन का रूप लेते हुए स्वस्थ राजस्थान की मजबूत नींव तैयार कर रहा हैं। 9 अप्रेल 2026 से शुरू हुए इस पखवाड़े में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करते हुए जीवन के पहले 6 वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के सर्वोत्तम विकास को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बच्चों में स्क्रीन टाइम में कमी लाने, प्रारंभिक वर्षों में खेल आधारित शिक्षा और मातृ एवं शिशु पोषण को बढ़ावा देने पर फोकस किया जा रहा है। 23 अप्रेल तक चलने वाले इस पखवाड़े में अब तक 20 लाख से अधिक गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित की जा चुकी हैं।
पोषण पखवाड़े के माध्यम से स्वस्थ जीवन एवं मस्तिष्क के विकास में मददगार पोषण प्रथाओं के बारे में परिवारों और समुदायों के बीच की जागरूकता बढ़ाई जा रही हैं। इस पखवाड़े में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए पोषण आधारित स्वस्थ बाल्यकाल की रूपरेखा बनाई जा रही है। मानव मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिसमें सबसे तीव्र विकास पहले 1 हजार दिनों के दौरान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस पखवाड़े के अन्तर्गत मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन गतिविधि संचालित की जा रही हैं।
पखवाड़े के तहत मातृ एवं शिशु पोषण श्रेणी में 6 लाख 82 हजार से अधिक, प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा श्रेणी में 3 लाख 83 हजार से अधिक और स्क्रीन टाइम को कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका से संबंधित श्रेणी में 2 लाख 42 हजार से अधिक गतिविधियां संचालित की गई हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त करने के लिए 1 लाख 76 हजार से अधिक गतिविधियां आयोजित कर सामुदायिक समर्थन प्राप्त किया गया हैं। 27 हजार 671 से अधिक गतिविधियां अन्य श्रेणी में आयोजित की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा 8 मार्च 2018 को झुंझुनूं से किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों के पोषण स्तर पर जोर देना है। यह कार्यक्रम प्रौद्योगिकी, समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से कुपोषण, एनीमिया जैसे लक्षणों को कम करने का प्रयास है। साथ ही किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कुपोषण की समस्या का समग्र रूप से समाधान करने में सहायक है।
उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग ऋचा चतुर्वेदी ने बताया कि 8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े के अन्तर्गत गर्भावस्था के दौरान सर्वोतम पोषण को बढ़ावा देने, केवल स्तनपान कराने और आयु के अनुसार पूरक आहार प्रदान करने, मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन (0-3 वर्ष), देखभाल और प्रारंभिक शिक्षण के लिए संवाद को प्रोत्साहित करने, प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा (3-6 वर्ष), समग्र विकास और विद्यालय जाने की तैयारी में सहयोग करने, स्क्रीन टाइम को कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिकाः स्वस्थ आदतों और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने तथा जन भागीदारी और सीएसआर के माध्यम से आगंनबाड़ियों के बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण को मजबूत बनाने संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
पोषण पखवाड़े के तहत जिलेभर में हो रहे विविध आयोजन
विभिन्न विभागों के सांमजस्य से जिले में भी सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पोषण पखवाड़े के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रो पर पोषण रैली का आयोजन एवं साथ ही नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा हैं।
महिला एवं बाल विकास की उपनिदेशक ऋचा चतुर्वेदी ने बताया कि पखवाड़े के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों के द्वारा सहभागिता की जा रही है। इस बार पोषण पखवाड़े के दौरान गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जा रहा हैं, साथ ही सरकार द्वारा इस बार बच्चों में स्क्रीन टाइम कम करने के लिए एवं मोबाइल, टीवी तथा कंप्यूटर के बजाय आउटडोर गतिविधियों पर भी अधिक ध्यान देने एवं साथ ही बच्चों के खेलकूद आदि गतिविधियों में शामिल होने में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पोषण पखवाड़ा अंतर्गत आगामी दिवसों में सेक्टर,ब्लॉक एवं जिला स्तर पर पोषण मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसमें श्री अन्न, मोटा अनाज एवं अन्य सामग्री से बनने वाली पोषण पोशाक व्यंजनों की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा।
