वायु सैनिक स्व. आलोक शर्मा की बेटी को केन्द्रीय विद्यालय में दिलाएंगे प्रवेश- चौ. मुकेश सिंह

  भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> भारतीय वायु सेना में सेवा के दौरान जिले के पत्रकार रामशंकर शर्मा के पुत्र आलोक शर्मा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने आईं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष सांसद संध्या राय ने शहीद पार्क बड़ेरी में हंैडपंप लगवाने तथा मेहगांव के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मुकेश सिंह ने आलोक शर्मा की बेटी को केन्द्रीय विद्यालय ग्वालियर में प्रवेश दिलाने का वादा किया। शहर के आर्य नगर स्थित पत्रकार रामशंकर शर्मा के निवास पर एयर फोर्स में एलएसी के पद पर कार्यरत उनके पुत्र आलोक शर्मा उम्र 31 वर्ष का गत 21 मई को सेवा के दौरान आसाम प्रदेश में निधन हो जाने पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करने अनेक जनप्रतिनिधिए समाजसेवीए विभिन्न राजनैतिक दलों के नेतागण अभी भी पहुंच रहे हैं। विगत दिवस भिण्ड.दतिया सांसद संध्या राय स्व.आलोक को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंची। उन्होंने आलोक शर्मा के निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया। श्रीमती राय ने आर्मी में लांस नायक के पद पर रहते जम्मू कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड़ में शहीद हुए आलोक के बड़े भाई अनूप शर्मा शौर्य चक्र को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी स्मृति में फूप कस्बे के निकट बड़ेरी गांव में निर्माणाधीन पार्क में पेड़-पौधों की सिंचाई आदि हेतु जल्द ही हैण्डपंप का खनन कराया जाएगा।

 

उधर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मेहगांव के पूर्व विधायक चौधरी मुकेश सिंह ने आर्य नगर पहुंचकर वायु सैनिक आलोक शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनकी पांच वर्षीय बेटी काव्या से भी मुलाकात की। काव्या से प्रभावित होकर मुकेश चौधरी ने उसकी पढ़ाई के लिए केन्द्रीय विद्यालय ग्वालियर में प्रवेश दिलाने का वादा करते हुए यह जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष काव्या ग्वालियर के केन्द्रीय विद्यालय में अध्ययन करेगी। श्री चौधरी ने दिवंगत आलोक शर्मा के पिता रामशंकर शर्मा को सांत्वना देते हुए कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत बड़ी क्षति है लेकिन देश पर अपने दो बेटों को न्योछावर करना बहुत बड़ा बलिदान है। यह सदा याद रखा जाएगा। साल 2010 में पत्रकार रामशंकर शर्मा के बड़े बेटे अनूप शर्मा भारतीय थल सेना में लांस नायक के पद पर रहते हुए जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान चार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने के बाद वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा मरणोपरांत शौर्यचक्र से नवाजा गया था।