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ऊर्जा राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने सींता में ऐतिहासिक बावड़ी में किया श्रमदान, दिया स्वच्छता का संदेश

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-प्राचीन जल स्रोतों को सहेजने और पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत मंगलवार को तालेड़ा पंचायत समिति के सींता गांव में जल संरक्षण की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)और बूंदी जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने स्वयं आगे आकर ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई की और आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया।
राज्यमंत्री श्री हीरालाल नागर के साथ-साथ जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भी बावड़ी की सफाई में श्रमदान किया। सभी ने मिलकर ऐतिहासिक बावड़ी में लंबे समय से जमा मिट्टी और गाद को बाहर निकाला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस तरह हाथों में फावड़े और तगारियां लेकर श्रमदान करते देख ग्रामीण भी प्रेरित हुए।
इस अवसर पर ऊर्जा राज्‍यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में मुख्यमंत्री के आह्वान पर जल स्रोतों को सहेजने और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सींता स्थित 500 से 700 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक धरोहर को संवारने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसद कोष से राशि स्वीकृत की हैं।
उन्‍होंने कहा कि ‘वंदे गंगा जल अभियान’ का मुख्य उद्देश्य गांवों और शहरों के सभी जल स्रोतों और जलाशयों की साफ-सफाई कर उन्हें संरक्षित करना है। यह महाभियान 25 मई, यानी गंगा दशहरे के पावन पर्व से प्रारंभ हुआ है और आगामी 5 जून तक पूरे राजस्थान में चलेगा। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह भगवान शिव की जटाओं से मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं, उसी तर्ज पर जल को माता मानकर उसकी पूजा और संरक्षण की हमारी पुरानी संस्कृति को इस अभियान के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा हैं।
श्री नागर ने कहा कि अभियान के तहत केवल साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि पौधारोपण और जल संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीकें भी अपनाई जा रही हैं। गांवों में ऐसा इको-सिस्टम विकसित किया गया है जहां सोलर पंप के जरिए पानी निकाला जा रहा है। इस पानी को फिल्टर कर पीने योग्य बनाया जा रहा है और व्यर्थ बहने वाले पानी को सोखता बनाकर वापस जमीन में डाला जा रहा है, ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सकें।
सींता स्थित बावड़ी को लेकर उन्होंने बताया कि पांच से सात सदी पुरानी यह धरोहर पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुकी थी। अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा उपलब्‍ध कराई गई राशि से इसका कायाकल्प होगा। बावड़ी की गंदगी हटाकर इसके चारों ओर फेंसिंग की जाएगी और एक सुंदर गार्डन भी विकसित किया जाएगा। इसके आसपास स्थित भगवान शिव और गणेश जी के मंदिरों के कारण लोगों की इससे गहरी धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी हैं। राज्‍य सरकार का लक्ष्य है कि इस ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर को सुंदर बनाकर इसे आमजन के लिए फिर से उपयोगी बनाया जाएं।
उन्‍होंने कहा कि गांवों को स्वच्छ, सुंदर और बीमारियों से मुक्त बनाने के लिए अब धरातल पर ठोस कदम उठाए जा रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक ऐसा विशेष मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा, जिससे नालियां खराब या चोक ही न हों। साथ ही उन्‍होंने कहा कि गांवों से उठने वाले कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति से किया जाएं।
उन्होंने कहा कि गांवों की सफाई की जिम्मेदारी सभी पंचायतों को लेनी होगी। ग्राम स्तर पर कार्यरत सरकारी मशीनरी न केवल स्वयं सफाई के कार्य में जुटे, बल्कि सभी के सहयोग से ग्रामीणों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक और प्रेरित करें। स्वच्छता से ही गांव बीमारियों से दूर रहेंगे।
इस अवसर पर जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने स्वच्छता अभियान को लेकर संदेश देते हुए कहा कि गांवों में प्लास्टिक का उपयोग बिल्कुल बंद होना चाहिए। हमारी प्राथमिकता गांवों को पूरी तरह से ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने की है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जब भी गांवों के दौरे पर जाएं, तो वहां की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करें। जिला कलक्‍टर ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि ग्रामीण ‘प्लास्टिक से दूरी और हरियालो राजस्थान से नजदीकी’ का मंत्र अपनाएं। उन्होंने खाली स्थानों पर अधिकाधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान किया। आमजन से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लोग दैनिक जीवन में पॉलिथीन की जगह केवल कागज और कपड़े के थैलों का ही उपयोग करें।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सोखता गड्ढे का किया अवलोकन
प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई में श्रमदान करने के पश्चात ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर, जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव और जिला परिषद सीईओ ने बावड़ी के पास पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसी कड़ी में राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत बावड़ी के समीप ही निर्मित सोखता गड्ढे का भी अवलोकन किया और भूजल पुनर्भरण के लिए इसे एक उपयोगी कदम बताया।
इस अवसर पर उपखंड अधिकारी बूँदी लक्ष्मीकांत मीणा, तालेड़ा के पूर्व प्रधान राजेश रायपुरिया, एडवोकेट हरीश गुप्‍ता, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ.ओपी सामर, स्‍वच्‍छ भारत मिशन के जिला परियोजना समन्‍वयक निजामुद्दीन सहित विभिन्‍न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्‍या में ग्रामीणजन मौजूद रहें।