TOP STORIESताजातरीनदेश

ऑक्सीजन प्लांट्स में होरहा 24 घँटे उत्पादन, ताकि हर राज्यों में हो सके ऑक्सीजन की आपूर्ति ,

नईदिल्ली.Desk/ @www.rubarunews.com-कोरोना की दूसरी लहर बड़े शहरों के साथ छोटे गांवो ओर जिलो के लिए भी घातक साबितहोरहा है। कोरोना की पहली लहर में जहाँ 10से 15 दिन में कोरोना मरीज के शरीर को नुकसान कर रहा था ,वहीँ दूसरी लहर में 5से 7 दिन में मरीज के लंग्स कमजोर पड़ रहे है और लगातर ऑक्सीजन की जर्रूरत पड रही है। देश के बार राज्य में ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जासके ओर हर संक्रमित को पूर्ण ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए देश मे कई कंपनियों के कर्मचारी रात दिन काम कर रहे है।उन्हें में से एक है, INOX एयर प्रोडेक्ट। केंद्र और कई राज्यों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन के लिए inox कंपनी ने अपने उत्पादन की क्षमता को 300 गुना तक बाद दिया है और प्लांट्स के कर्मचारी रात दिन काम करके ऑक्सीजन के उत्पादन के साथ-साथ 16 राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति भी सुनिशित कर रहे है।

ऑक्सीजन सप्लाई व उत्पादन का नेतृत्व खुद आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स के निदेशक सिद्धार्थ जैन कर रहे हैं, ताकि टीम को चौबीसों घंटे काम करने का मनोबल मिलता रहे और हर कर्मचारी अपना पूर्ण समय सके।

मार्च 2020 में INox ने 800 से अधिक अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई की थीं और इस साल 2021 में 16 राज्यो में आईनॉक्स प्रति दिन 2500 टन से अधिक तरल ऑक्सीजन की सप्लाई कर रहा हैं।
ऑक्सीजन प्रोड्यूसर के साथ अब inox ट्रांसपोर्टर का काम भी कर रहे है।
देशभर में 5,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन ऑक्सीजन की जरूरत है जिसके लिए ,ऑक्सीजन प्लांट्स के अधिकारी-कर्मचारी और लेबर दिन-रात काम कर रहे है ताकि कोरोना के मरीजो तक ऑक्सीजन पहुच सके। झारखंड में भी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के आइनॉक्स बोकारो प्लांट में दिन-रात लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) तैयार की जा रही है ,बोकारो स्टील लिमिटेड के कैप्टिव प्लांट में भी ऑक्सीजन उत्पादन के लिये 8-8 घँटे की शिफ्ट कर रहे है।

इंदौर के पीथमपुर में भी 100 लोगों की टीम ने मिलकर 11 दिन की कड़ी मेहनत के बाद 90 दिन में तैयार होने वाला ऑक्सीजन प्लांट 11 दिन में पूरा कर दिया। जिसकी जांच के बाद प्रतिदिन 40 टन की सप्लाई की जा सकेगी ।

छत्तीसगढ़ में अभी ऐसी ही खबरे सामने आई यहाँ भी 29 प्लांट के जरिए 400 टन से ज्यादा मेडिकल ऑक्सीजन का प्रोडक्शन किया जा रहा है। देश मे पहली बार ऑक्सीजन सप्लाई के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाय गए है और ऑपरेशन ऑक्सीजन मैत्री की शुरुवात की गई जिसमें ऑक्सीजन का आयात किया जाएगा। ताकि प्लांट से राज्य की सीमा तक ट्रांसपोर्टेशन आसानी से होसके।भिलाई ऑक्सीजन प्लांट से भी देश के लगभग 9 राज्यों में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।

ऑक्सीजन के आयात पर से भी बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई गई है और मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज की ओर से बयान जारी कर कहा गया है की , सभी बंदरगाहों से ऑक्सीजन और इससे संबंधित उत्पाद लाने वाले जहाजों को प्राथमिकता दी जाएगी।