कोटा-बूंदी की 281 ग्राम पंचायतों में उतरी ‘‘स्वास्थ्य सेना‘‘

कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-  क्या आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को बुखार, खांसी, गले में खराश या अन्य कोई परेशानी है। बुखार है तो कितने दिनों से है। क्या किसी को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। जिन्हें परेशानी है उन्हें बाहर बुलाएं हम उनके आक्सीजन के स्तर और तापमान की जांच करेंगे। यह प्रश्न आज कोटा-बूंदी के लगभग सभी गांवों में सुनाई दे रहे हैं।कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की 281ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों की ‘‘स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सेना‘‘ ने मोर्चा संभाल लिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आव्हान पर यह स्वास्थ्य कोरोना सैनिक ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ कोविड मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श व दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रहे हैं।

 

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण गांवों तक भी फैल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की समुचित सुविधाएं नहीं हैं और ग्रामीणों में कोरोना से बचाव के प्रति जागरूकता का अभाव है। इसको देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में 3-5 स्वास्थ्य कोरोना सैनिकों की टीम का गठन का आव्हान किया था। इस टीम में उन युवाओं व अनुभवी व्यक्तियों को शामिल किया जाना था जिन्हें मेडिकल की सामान्य जानकारी हो।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आव्हान को हाथों-हाथ लिया गया। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने चर्चा कर स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों की टीमों का गठन कर उसकी सूची लोकसभा अध्यक्ष कैंप कार्यालय भेज दी। सूची मिलने के दो दिन के भीतर लोकसभा अध्यक्ष की ओर से इन टीमों को पल्स आक्सीमीटर, डिजिटल थर्मोमीटर और अन्य संसाधन उपलब्ध करवा दिए गए।

अब स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों की यह टीमें गांव-गांव में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। पल्स आक्सीमीटर से आक्सीजन का स्तर तथा थर्मोमीटर से बुखार नापा जा रहा है। जिन लोगों में कोरोना के लक्ष्ण हैं उनको नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टर से परामर्श दिलवाकर दवा उपलब्ध करवा रहे हैं। इतना ही नहीं यदि किसी कोविड मरीज की स्थिति गंभीर है तो उसे आक्सीजन सुविधा से लैस एंबुलैंस से जिला अस्पताल या अन्य बड़े अस्पताल में भेज रहे हैं।

 

ग्रामीणों को बता रहे मास्क पहनने का सही तरीका
स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिक ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचने के लिए कोविड गइडलाइंस की पालना के लिए भी जागरूक कर रहे हैं। यह सैनिक उन्हें बता रहे हैं कि वर्तमान स्ट्रेन की संक्रामकता को देखते हुए जरूरी है कि डबल मास्क पहना जाएग। पहले थ्री प्लाई सर्जिकल मास्क पहनें और उसके ऊपर काॅटन मास्क लिया जा सकता है। डबल मास्क पहनना ही बचाव का सबसे सुरक्षित माध्यम है। इसके अलावा ग्रामीणों को सामाजिक दूरी बनाने तथा हाथ बार-बार सैनेटाइज करने तथा धोने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों के लिए भी पूरे इंतजाम
कोविड रोगियों की सेवा के दौरान यह स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिक स्वयं संक्रमित नहीं हो जाएं इसके लिए उन्हें भी बचाव के सारे संसाधन दिए गए हैं। टीम को मिली किट में पल्स आक्सीमीटर और थर्मोमीटर के अलावा पर्याप्त संख्या में एन-95 मास्क, ग्लब्ज, सैनीटाइजर और उपलब्ध करवाए गए हैं।

 

वरिष्ठ चिकित्सकों से मिल रहा मार्गदर्शन
लोकसभा अध्यक्ष बिरला इन स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को अपने कार्य में दक्ष बनाने के लिए अपनी उपस्थिति में वरिष्ठ चिकित्सकों से उनका आॅनलाइन संवाद भी करवा रहे हैं। अब तक वरिष्ठ चिकित्सक डा. केके पारीक, डा. सकेत गोयल, डा. केके डंग और डा. बृजमोहन स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को कोविड के बारे में सामान्य जानाकरी दे चुके हैं। वे स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को मास्क पहनने के सही तरीके तथा कोविड रोगियों के उपचार में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बता चुके हैं। स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों को इन चिकित्सकों के नम्बर भी उपलब्ध करवाए गए हैं ताकि किसी आपात स्थिति में वे उनसे मार्गदर्शन ले सकें।