राजस्थान

रामगढ़ विषधारी अभ्यारण में टी-115 के ताजा पग मार्क आए नजर

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- रामगढ़ विषधारीअभयारण्य में करीब एक साल से रह रहे बाघ टी -115 करीब 10 दिन तक नदारद रहने के बाद फिर से मिल गया है। बारिश के चलते निचले इलाके को छोड़ बाघ पहाड़ी पर चढ़ गया था। वहीं मेज नदी में तेज बहाव व अधिक पानी होने के कारण विभाग को ट्रेकिंग करने में परेशानी हो रही थी। बाघ के ताजा पगमार्क भी नहीं मिल रहे थे। वनकर्मियों ने पहाड़ी पर ट्रेकिंग की तो बाघ के ताजा पगमार्क नजर आए।

वनकर्मियों द्वारा पहाड़ी पर ट्रेकिंग किए जाने पर बाघ के ताजा पगमार्क नजर आए। निचले क्षेत्रों में बारिश के बाद लगभग हर जगह पानी हो गया है। ऐसे में बाघ व अन्य वन्यजीवों को बैठने में समस्या हो रही है। पहाड़ी पर पानी नहीं होने के कारण उन्हें बैठने की जगह मिल रही है और यहां बाघ के लिए भी अनुकूल स्थिति बनी हुई है। घास काफी बड़ी हो गई है और शिकार भी उपलब्ध है। ऐसे में बाघ करीब एक पखवाड़े से इसी पहाड़ी पर मौजूद है।

विभाग के अनुसार बाघ की ट्रेकिंग में बारिश के समय परेशानी होती है। जमीन गीली होने से पगमार्क नहीं आ पाते। जहां पगमार्क मिलते है, वह गीली जमीन के कारण फैल जाते हैं। ऐसे में बाघ के पगमार्क होने का भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। हालांकि पूरे क्षेत्र में नियमित ट्रेकिंग होती है। इसके चलते जहां भी सही पगमार्क मिलते है, उसी आधार पर उसकी उपस्थिति का पता चलता है।

“बारिश के कारण बाघ पहाड़ी क्षेत्र में चला गया है। उसके पगमार्क मिल गए हैं। बाघ यही मौजूद है।” – धर्मराज गुर्जर, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जैतपुर रेंज