बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद की जावेगी- मुख्यमंत्री श्री चौहान

श्योपुर.Desk/ @www.rubarunewd.com-मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संकट की इस घडी में सरकार हर बाढ़ प्रभावित व्यक्तिं के साथ है। सरकार उन्हें हर संभव मदद दे रही है। केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रकृति पर किसी का जोर नही है। आज जो संकट हमारें सामने है, उसे मप्र सरकार पूरी तरह से दूर करेंगी।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर गुरूवार को श्योपुर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में एक क्लिक के माध्यम से 20 हजार 481 बाढ़ प्रभावित हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंचाने के बाद वीडिया कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलो और विदिशा जिले के बाढ़ से प्रभावितों से चर्चा कर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक  बाबू जण्डेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, जिला अध्यक्ष  सुरेन्द्र जाट, पूर्व विधायक  दुर्गालाल विजय एवं  बृजराज सिंह चौहान, ग्वालियर-चंबल संभाग के कमिशनर  आशीष सक्सेना, डीआईजी  सचिन अतुलकर, कलेक्टर  शिवम वर्मा, अपर आयुक्त  अशोक कुमार चौहान उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग में ऐसी भंयकर 100 साल में बाढ़ की स्थिति नही देखी। इस बार चंबल-ग्वालियर अंचल में बाढ़ महाविनाश के रूप में आई है। हर व्यक्ति पर पानी कहर बनकर टूटा है। विदिशा में भी बाढ़ का प्रकोप रहा है। इस प्रकोप में हमारें प्रधानमंत्री, केन्द्रीय गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर का अर्शीवाद मिला है। केन्द्रीय मंत्रियों के सहयोग से एनडीआरएफ सहित अन्य सेना के जवानों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई। इस विनाशकारी बाढ़ से कई घर, मकान, पुल, पुलिया ध्वस्त हो गए। लोगो के पशु बह गए व्यापक स्तर पर सड़क, बिजली, पुल जैसे स्ट्रेक्चर टूट गए। पूरी अंधोसरंचना खत्म हो गई। इस बार की बाढ़ ने हमें संभलने का मौका भी नही दिया।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों से कहा कि इस संकट की घडी में सरकार आपके साथ है। सभी मंत्री, जनप्रतिनिधियों को संहयोग के लिए आपके पास भेजा है। जिला प्रशासन, समाजसेवी ओर आपदा प्रबंधन की पूरी टीम आप सभी की मदद के लिए लगी हुई है। उन्होने कहा कि अभी तक चंबल-ग्वालियर और भोपाल संभाग के विदिशा जिलें में 23 करोड़ रूपयें से अधिक की राशि राहत के रूप में भेजी जा चुकी है। आज मैं एक क्लिक से लगभग 20 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों के खातों में 23 करोड़ 19 लाख 45 हजार 794 रूपयें की राशि डाली गई है। यह सहयोगी राशि है। जिनके मकान टूट गए है। वे किराये के मकान ले ले, जिन्हे त्रिपाल या अन्य सामग्री आदि की जरूरत हो वे इस राहत राशि से खरीद ले। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को 50 किलो गेहू या आटा अन्य खाद्य सामग्री के साथ 5-5 लीटर कैरोसीन का वितरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का पहला काम बाढ़ प्रभावितों को पूरी तरह से राहत देना है उन्हें इस संकट की घडी से उबारना है। उन्होने कहा कि जो घर परिवार उजड गए है। उनका पुर्नवास करना है। जिनके मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए है। उनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाना है। जो लोग बाढ़ क्षेत्र प्रभावित इलाकों से निकलकर सुरक्षित स्थान पर मकान बनाना चाहते है, इसका इतंजाम भी सरकार करेगी। बाढ़ प्रभावितों की मदद की समीक्षा एवं सर्वे कार्य के लिए 12 मंत्रियों की टास्क फोर्स समिति बनाई गई है। जो लगातार राज्यों की समीक्षा कर रही है।

आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहानि होने 04 लाख रूपयें, ध्वस्त हुए मकान बनानेके लिए 01 लाख 20 हजार रूपयें क्षतिग्रस्त हुए मकानो के लिए 06 हजार रूपयें, बर्तन भाडे बह जाने पर 05 हजार रूपयें, दुधारू पशु के मर जाने पर 30 हजार रूपयें, गैर दुधारू पशु घोडा, बैल के मर जाने पर 25 हजार रूपयें, बकरा-बकरी के मरने पर 03 हजार रूपयें की सहायता देकर सरकार भरपाई कर रही है।
सर्वे की सूची पंचायत भवन में लगाये

मुख्यमांत्री श्री चौहान ने कहा कि राजस्व के साथ कृषि ग्रामीण विकास विभाग नुकसान का सर्वे कर रही है। सर्वे करने के पश्चात् नुकसान हुए प्रभावितों की सूची पंचायत भवन पर चस्पा की जाये। इस सर्वे सूची में जिनके नाम छूटे है। उनके दावे, आपत्ति लगवाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षति का आंकलन पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी ईमानदारी के साथ हो। जनप्रतिनिधि, आपदा प्रबंधन समिति के मेम्बर भी इस ओर पूरा ध्यान दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाढ़ के संकट की घडी में सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। मदद करने में सरकार कोई कोर कसर नही छोडेगी। हालही में केन्द्रीय दल ने नुकसान का सर्वे करके अपनी रिर्पोट दी है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों, जिला प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता सादगी और तनमयता से राहत कार्यो में जुटे रहे। जनता कों इस संकट की घडी में बाहर निकालकर उनका जीवन पहले की तरह सुरक्षित करना है।

केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्र सिह तोमर ने कहा कि निश्चित रूप से बाढ़ के दिन हमारे लिए दुभाग्यपूर्ण रहे है। प्रकृति पर सबका जोर नही है। अतिवर्षा से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे अनेक परिवार प्रभावित हए है। आज हमें इस बात का संतोष है कि हमारे बीच शिवराज सिंह जैसे मददगार मुख्यमंत्री मौजूद है। मुख्यमंत्री जी ने हमेशा गरीब और किसानों की मदद की है। फिर चाहें सूखा हो, ओलावृष्टि हो या अन्य आपदा हो, हमेशा मुख्यमंत्री प्रभावितों के बीच रहे है। बाढ़ की घडी में भी मप्र सरकार और मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावितों के साथ है। इस बार भी बाढ़ आई है। मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावितों को राहत के लिए कडे कदम उठाये है। उपकरणों सहित आर्थिक सहायता, भोजन, कपडा, खाद्यान की व्यवस्था की है। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में ही बाढ़ पीडितों को 28 करोड़ रूपये से अधिक की राशि उनके खातों में डाली जा चुकी है। और आज 20 हजार 481 बाढ़ प्रभावितों को 23 करोड़ रूपये से अधिक की राशि उनके खातो में डाली गई है। उन्होने कहा कि मप्र सरकार सभी प्रभावितों के कंधे से कंधा लगाकर खडी है। इसके पूर्व चंबल-ग्वालियर संभाग के कमिश्नर  आशीष सक्सेना ने चंबल-ग्वालियर संभाग के जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगो से मुख्यमंत्री जी की चर्चा कराई तथा बाढ़ प्रभावित लोगो को दी गई आर्थिक सहायता की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री जी ने अलग-अलग जिलों के बाढ़ पीडित लोगो से चर्चा की
श्योपुर
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने एक क्लिक करके भेजी गई राहत राशि के पश्चात् चंबल-ग्वालियर संभाग के जिलो के बाढ़ प्रभावित लोगो से वीड़ियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की।
चर्चा में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर की डबरा तहसील निवासी  लाखन सिंह, शिवपुरी जिले के बरखेडी गांव के  संजय तोमर, दतिया जिले के कोटरा ग्राम के विक्रम सिंह, गुना जिले के बमौरी गांव के  राजू अहिरवार और अशोकनगर जिले के गौरा गांव से  असलम खान से चर्चा कर बाढ़ हुए नुकसान के संबंध में सभी महत्वपूर्ण जानकारी ली। सभी बाढ़ प्रभावितों ने मुख्यमंत्री को बाढ़ पीडितो के लिए तत्काल उठाये गये कदमों की तथा बाढ़ प्रभावित लोगो को दी गई आर्थिक सहायता की जानकारी दी। सभी ने सरकार द्वारा अभी तक उनकी की गई मदद की जानकारी से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। पीडितों ने कहा कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने पुर्नवास के साथ-साथ 50-50 किलो गेहूं, आटा, दाल एवं सब्जियों की व्यवस्था की। कई स्थानों पर पानी से बचाव के लिए त्रिपाल सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराये। सभी ने मुख्यमंत्री जी को उनके द्वारा की गई मदद के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावितों से चर्चा करते हुए कहा कि चिंता मत करना सरकार आपके साथ है। जिनके मकान बह गये है, नष्ट हुए है। उन्हे सरकार मकान बनवा कर देगी। जिनकी फसले नष्ट हुई है, उनका सर्वे करके उनकी मदद की जावेगी। जिनकी पशुहानि हुई है, उन्हे आर्थिक सहायता दी जा रही है। घबराने की बात नही है। मुख्यमंत्री हर बाढ़ पीडित के साथ है। सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 23 करोड़ 19 लाख 45 हजार 794 रूपये की राहत राशि बाढ़ प्रभावित हितग्राहियों के खातों में डाली
ग्वालियर-चंबल संभाग के 19 हजार 621 हितग्राहियों के खाते में 16 करोड़ 83 लाख 14 हजार 874 रूपयें डाले गये
विदिशा जिले के 860 हितग्राहियों के खाते में 72 लाख 93 हजार 300 रूपयें
श्योपुर,
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा आज श्योपुर के एनआईसी कक्ष से श्योपुर जिले सहित प्रदेश के 09 जिलों में बाढ़/अतिवृष्टि से हुई क्षति से प्रभावित 20 हजार 481 हितग्राहियों के बैंक खातों में 23 करोड़ 19 लाख 45 हजार 794 रूपयें की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से डाली गई। इसके अंतर्गत चंबल-ग्वालियर संभाग के 19 हजार 621 हितग्राहियों के बैंक खातों में 16 करोड़ 83 लाख 14 हजार 874 रूपयें जमा किये गये है। इसके अलावा भोपाल संभाग के विदिशा जिलें के 860 बाढ़ प्रभावितों के बैंक खातों में 72 लाख 93 हजार 300 रूपयें की राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान एवं श्योपुर-मुरैना संसदीय क्षेत्र से सांसद तथा केन्द्रीय कृषि मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर ने श्योपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण एवं दौरा कार्यक्रम के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर के माध्यम से बाढ़ एवं अतिवृष्टि के दौरान प्रभावितों के सर्वे के उपरांत राहत राशि को प्रदेश के 09 जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों के खातों में राशि एक क्किल के माध्यम से स्थानातंरित की गई। इसके तहत जनहानि, पशुधन हानि, मकान क्षति, फसल क्षति, गृहस्थी की सामग्री एवं पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राहत राशि प्रदान की गई है। गुरूवार को श्योपुर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से जारी की गई राशि में श्योपुर जिले के लिए जनहानि के तहत 01 प्रकरण में 04 लाख रूपयें, पशुहानि के 82 हितग्राहियों के लिए 12 लाख 30 हजार 420 रूपयें और मकान क्षति के 719 हितग्राहियों को 03 करोड 75 लाख 99 हजार 300 रूपयें, गृहस्थी सामान के लिए 864 हितग्राहियों को 43 लाख 20 हजार रूपयें तथा पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के 203 हितग्राहियों को 01 करोड़ 21 लाख 08 हजार रूपयें की सहायता सहित अन्य मदों में कुल 05 करोड़ 40 लाख 69 हजार 900 रूपयें की राहत राशि प्रदान की गई है।

इसी प्रकार भिण्ड जिले के 1633 हितग्राहियों को 28686900 रूपयें, मुरैना जिले के 28 हितग्राहियों को 167000 रूपयें, ग्वालियर जिले के 1677 हितग्राहियों को 18310000 रूपयें, दतिया जिले के 4641 हितग्राहियों को 56126074 रूपयें, शिवपुरी जिले के 5525 हितग्राहियों को 274335400 रूपयें, गुना जिले के 739 हितग्राहियों को 3386000 रूपयें, अशोकनगर के 3509 हितग्राहियों को 15800400 रूपयें एवं विदिशा जिले के 860 हितग्राहियों को 7293300 रूपयें की राहत राशि प्रदाय की गई है।

उल्लेखनीय है कि लगातार अतिवृष्टि के कारण गत 03 अगस्त को आई बाढ़ के कारण श्योपुर जिले में प्रभावितों को सहायता प्रदान करने का क्रम जारी है। अभी तक श्योपुर अनुभाग के 15 हजार 168 प्रभावितों को 13 करोड़ 28 लाख 72 हजार 600 रूपयें की राहत राशि प्रदाय की जा चुकी है।