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दुखद स्थिति में भी माता पिता ने संपन्न कराया दिवंगत पुत्र का नेत्रदान

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-दुखद स्थिति में भी बूंदी में माता पिता ने अपने दिवंगत पुत्र का नेत्रदान संपन्न करवाया।  शनिवार सुबह मंडोवरा चौक, लोहार गली, बूंदी निवासी रामकिशन मंडोवरा के पुत्र अनिल मंडोवरा का आकस्मिक निधन हो गया। कम उम्र में पुत्र की इस असामयिक मृत्यु ने पूरे परिवार को घोर दुख में ला दिया। अनिल की मृत्यु से शहर के सभी व्यापारी, समाजसेवी, प्रतिष्ठित नागरिक गणों और व्यापार मंडल को गहरा दुख पहुंचा है ।
प्रारंभ से सामाजिक कार्य में, धर्म कर्म में आस्था रखने वाले,प्रकृति प्रेमी,जीव सेवा संस्थान से जुड़े अनिल अपने दोस्तों,परिवार के सदस्यों में सभी के चहेते थे। उनकी अचानक मृत्यु के बाद भी,माँ कांता,पिता रामकिशन,भाई संजय,सुनील,पत्नि अंतिमा ने अनिल के सेवा कार्यों को आगे बढ़ाते हुए,उनके नेत्रदान करवाने का निर्णय लिया ।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र इदरीस बोहरा को जैसे ही परिवार के सदस्यों ने अनिल के नेत्रदान करवाने के लिए संपर्क किया, उसके 1 घंटे बाद ही कोटा से ईबीएसआर-बीबीजे चैप्टर के कोऑर्डिनेटर डॉ कुलवंत गौड़ कोटा से नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ से, बूंदी जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचे,जहां पर परिवार के सभी सदस्यों के सामने डॉ गौड़ ने नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया ।
डॉ गौड़ ने बताया कि,अनिल की मृत्यु की पुष्टि होते ही परिजनों ने तुरंत ही नेत्रदान की प्रक्रिया करवाने का निर्णय ले लिया । घोर दुख में नेत्रदान की सहमति मिलना,एक अच्छी जागरूकता को बताता है । गर्मी में नेत्रदान की प्रक्रिया में विशेष ध्यान रखना है कि, नेत्रदाता की आंखों को पूरी तरह बंद करने के उपरांत,आंखों पर रखी गीली पट्टी को हर आधे घंटे में,बार बार गीला करके रखते रहे, इससे कॉर्निया की गुणवत्ता ठीक बनी रहती है । यूं तो गर्मियों में नेत्रदान 6 से 8 घंटे में लिया जा सकता है,पर फिर भी नेत्रदान की प्रक्रिया,जितनी शीघ्र होगी,कॉर्निया की गुणवत्ता, उतनी ही अच्छी रहेगी ।