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राजस्थान में पहली बार चिड़ियाघर में नन्हे शावक से जवान हुई बाघिन को जंगल में छोड़ा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-रणथंभौर की बाघिन T-114 की मौत के बाद बेसहारा हुए दो बाघ शावकों को वन विभाग ने पालन पोषण कर फिर से जंगल के अनुकूल तैयार करने में सफलता हासिल की है। राजस्थान वन विभाग के प्रस्ताव को एनटीसीए की हरी झंडी मिलने के बाद तीन वर्षीय युवा बाघिन को कोटा के मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के 82 हैक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में रिलीज कर दिया है। राजस्थान के इतिहास में यह पहला मौका है जब मानवीय प्रयासों से पले बढ़े किसी बाघ-बाघिन को री वाइल्ड किया गया है। एनक्लोजर में पहले से ही रणथंभौर से छोड़ी गई बाघिन कनकटी एमटी- 8 व बाघ एमटी-9 मौजूद है। इस तरह अब इस जंगल जैसे बड़े एनक्लोजर में एक बाघ व दो बाघिन हो गए है जिससे कुनबा बढ़ने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में अभी 7 बाघ बाघिन मौजूद है जिनमें एक शावक है। इसके साथ ही वन विभाग ने बूंदी के रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व के शॉफ्ट एनक्लोजर में पल रहे बाघ आरवीटी-7 को भी खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि फरवरी माह में इन दोनों बाघ-बाघिन भाई बहिन को चरणबद्ध तरीके से मुकुन्दरा व रामगढ़ के खुले जंगल में छोड़ने की स्वीकृति मिल गई थी। बाघिन MT-7 को पहले 5 हेक्टेयर के बाड़े की जगह 21 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ा गया और बाड़े को परदे लगाकर अपारदर्शी बनाया गया था। दो माह गहन मोनिटरिंग के बाद इसे मंगलवार को 82 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर (जंगल) में आजाद कर दिया। वन विभाग की टीमें 24 घण्टे बाघिन की ट्रेकिंग व निगरानी में लगी हुई है। दूसरी ओर रामगढ़-विषधारी में बाघ RVT-7 के बाड़े को भी बड़ा व मजबूत करने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और उम्मीद है कि जल्दी ही इसे भी जल्दी खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

इनका कहना है

मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन एमटी-7 को सफलतापूर्वक जंगल में रिलीज कर दिया है और रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व में पल रहे बाघ आरवीटी-7 को भी जल्दी ही खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी है।

सुगनाराम जाट, फील्ड डायरेक्टर, मुकुन्दरा हिल्स व रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व