नर्सों की हड़ताल से बिगडी अस्पतालों में व्यवस्था, स्ट्रेचर-हीलचेयर तक नहीं मिल रहे

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> प्रदेश व्यापी हडताल से जिले के सिविल हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं खराब हो रही हैं। हालात यह है सीरियस मरीजों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर नहीं मिल रहे हैं। वे परिजन के सहारे चलकर आने को मजबूर हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ होने का दावा कर रहा है। जिले के सिविल अस्पताल, लहार की रियल्टी जांचने के लिए बुधवार दोपहर पत्रकारों की टीम पहुंची तो यहां पर देखा कि अस्पताल के गेट पर नर्स बैठी मिलीं। सिविल अस्पताल में 11 नर्स हैं, जिसमें छह संविदा नियुक्ति पर है। यहां संविदा और एएनएम के भरोसे मरीजों का उपचार किया जा रहा है। ट्रेंड नर्स हडताल पर चलने से अव्यवस्था बनी है। यहां 70 वर्षीय बुजुर्ग कैलाश बिजासन रोड से आए थे। बुजुर्ग मरीज इंफेक्शन का शिकार है। उसका उपचार लेने लिए परिवार के दो युवकों लडखडाते कदमों के साथ लेकर पहुंचा। जब यहां मौजूद स्टाफ  से स्ट्रेचर व व्हील चेयर को लेकर सवाल किया गया, तब मौजूदा स्टाफ सकपका गया। मरीज को बैठाया और बोला-व्हीलचेयर को लेकर, सर से पूछो।

 

मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठी नर्स, जिस कारण बिगड़ रही व्यवस्थाएं

प्रदेश व्यापी हड़ताल में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठीं नर्सें है जिस कारण अस्पताल में व्यवस्थाएं बिगडती जा रही हैं। नर्सों की हडताल का असर मुख्य तौर पर प्रसूता वार्ड पर पडा। यहां रोजाना गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं। नर्सों के हडताल पर होने से एएनएम को यह दायित्व हॉस्पिटल प्रबंधन ने सौंपा है। ऐसे में जच्चा और बच्चा के स्वास्थ्य को लेकर परिजन आशंकित रह रहे हैं।

अस्पताल में कोई नहीं सुनने वाला

अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले अटेंडर संदीप का कहना है कि नर्स हड़ताल पर है। चिकित्सक समय पर बैठते है लेकिन पैरा मेडिकल स्टाफ अनुपस्थित होने से कोई सुनवाई नही हो रही।

इनका कहना है:

व्हीलचेयर और स्ट्रेचर को मांगने पर दिया जाता है। बाहर रखने पर धूप से गर्म हो जाते है। नर्सो की हडताल से कुछ व्यवधान आया है। एएनएम व संविदा स्टाफ से 10 से 12 घंटे काम कराया जा रहा है।

-डॉ. शैलेन्द्र पांडेय, बीएमओ लहार