पहली बार 13 साल के बच्चे में सामने आया ब्लैक फंगस का संक्रमण, डॉक्टर्स ने किया ऑपरेशन

अहमदाबाद.Desk/ @www.rubarunews.com-कोरोना के साथ अब ब्लैक ओर व्हाइट फंगस भी खतरनाक साबित होरहा है । अधिक स्टेरॉयड के कारण कोरोना मरीजो में इलाज दौरान ओर इलाज उपरांत होने वाले इन दोनों फंगल इन्फेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे है। देश मे अब तक ब्लैक फंगस के 7000 से अधिक मामले सामने आचुके है और 219 लोगो की मृत्यु भी हो चुकी हैऔर अब तक 10 राज्यों में इसका संक्रमण देखने को मिला है। दुःखद खबर यहा सामने आई कि पहली बार ब्लैक फंगस का संक्रमण 13 साल के छोटे बच्चे में पाया गया हैं।

 

बता दे कि गुजरात के अहमदाबाद में 13 साल के बच्चे में ब्लैक फंगस यानी की (म्यूकरमाइकोसिस) का मामला सामने आया हैं। बच्चो में ब्लैक फंगस का यह सबसे पहला केस है । बच्चे की म्यूकरमाइकोसिस रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद चिल्ड्रेन अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। बच्चा ओर उसकी माँ पहले कोरोना संक्रमित हो चुके थे पर उसकी माँ कोरोना से लड़ नही पाई। बच्चा भी कोरोना से ठीक हो चुका था अप्रैल को उसे डिस्चार्ज करदिया गया था, लेकिन डेढ़ महीने के बाद बच्चे में ब्लैक फंगस के लक्षण पाए गए जिसके बाद डॉक्टरों ने जब इसका टेस्ट किया तो वह म्यूकरमाइकोसिस पॉजिटिव मिला । परन्तु अच्छी खबर यह रही कि ऑपरेशन के बाद बच्चा सुरक्षित
हैं।

अप्रैल में बच्चे के पॉजिटिव आने के बाद ,ब्लैल फंगस के कारण उसे नाक में तकलीफ हुई जिसके बाद डॉक्टर बंसल की टीम ने बच्चे की नाक का ऑपरेशन किया ओर अब बस खतरे से बाहर है।

कई डाक्टर्स ने अपनी प्रितिक्रिया में माना कि ये इस तरह का पहला मामला जरूर है पर अब इसके बाद यह कहा जासकता है कि ब्लैल फंगस किसी भी उम्र व वर्ग के लोगो को कोरोना के दौरान या ठीक होने के बाद भी होसकता है, या ऐसे मरीज जिन्हें स्टेरॉइड अधिक दिए गए या फिर अनियंत्रित डायबिटीज से पीड़ित हो उन्हें यह संक्रमण होसकता है।