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दतिया सीडब्ल्यूसी के सदस्य रामजीशरण राय व संतोष तिवारी ने राज्यस्तरीय इंडक्शन प्रशिक्षण में लिया भाग

दतिया सीडब्ल्यूसी के सदस्य रामजीशरण राय व संतोष तिवारी ने राज्यस्तरीय इंडक्शन प्रशिक्षण में लिया भाग

बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों से जुड़े विषयों पर मिला गहन प्रशिक्षण

दतिया @Rubarunews.com>>>>>>>>>>>>>>>>>>> बाल कल्याण समितियों (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्षों एवं सदस्यों की क्षमता वृद्धि और संस्थागत कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित राज्यस्तरीय इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति दतिया के सदस्य रामजीशरण राय एवं संतोष तिवारी ने सक्रिय सहभागिता की। यह 13 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जून से 13 जून 2026 तक आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय स्तर की संस्था द्वारा किया गया आयोजन

प्रशिक्षण का आयोजन सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (SPNIWCD), नई दिल्ली द्वारा किया गया। प्रशिक्षण की प्रभारी डॉ. नवीदा खातून (डिप्टी डायरेक्टर, एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी, नई दिल्ली) रहीं, जबकि कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय का दायित्व एच.के. सिंह आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल द्वारा निभाया गया। प्रशिक्षण में अनुभवी विषय विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बाल संरक्षण क्षेत्र के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

प्रदेश के 19 जिलों से पहुंचे 36 प्रतिभागी

बाल कल्याण समिति सदस्य रामजीशरण राय ने बताया कि प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश के 19 जिलों—दतिया, भोपाल, मंडला, डिंडोरी, भिंड, देवास, इंदौर, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बालाघाट, दमोह, नर्मदापुरम, अनूपपुर, अशोकनगर, गुना, विदिशा एवं सीहोर से कुल 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने-अपने जिलों के अनुभव साझा करने तथा बाल संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों एवं समाधान पर विचार-विमर्श का अवसर मिला साथ ही वैधानिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

बाल अधिकारों एवं कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (UNCRC), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015, पॉक्सो अधिनियम, 2012, मिशन वात्सल्य, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, बाल संरक्षण तंत्र, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन, बाल श्रम, बाल विवाह तथा बाल अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनों, नियमों एवं नीतियों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बाल कल्याण समिति की वैधानिक भूमिका, शक्तियों, दायित्वों एवं निर्णय प्रक्रिया पर भी विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

बाल देखरेख संस्थाओं का कराया गया एक्सपोजर विजिट

प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में प्रतिभागियों को भोपाल स्थित विभिन्न बाल देखरेख संस्थाओं का अध्ययन भ्रमण (एक्सपोजर विजिट) कराया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण (SAA), राजकीय बाल संरक्षण एवं मातृशक्ति बालिका गृह, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज तथा ओपन शेल्टर होम का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान संस्थाओं में बच्चों के संरक्षण, देखभाल, शिक्षा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया तथा वहां कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की गई।

बच्चों के सर्वोत्तम हित में होगा प्रशिक्षण का लाभ

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों को अपने-अपने जिलों में बाल संरक्षण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने में उपयोग करने का संकल्प लिया। बाल कल्याण समिति सदस्य रामजीशरण राय ने बताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त व्यावहारिक एवं विधिक जानकारी बाल कल्याण समितियों को बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए अधिक संवेदनशील, प्रभावी एवं जवाबदेह ढंग से कार्य करने में सहायक सिद्ध होगी।

बाल संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल कल्याण समितियों के सदस्यों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर बेहतर निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य स्तर पर आयोजित यह प्रशिक्षण बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। उक्त जानकारी रामजीशरण राय, सदस्य बाल कल्याण समिति, दतिया (म.प्र.) द्वारा प्रदान की गई।