जनता को ” समान नागरिक संहिता ” नहीं , ” समान आर्थिक संहिता ” चाहिए- भाकपा
भोपाल.Desk/ @www.rubarinews.com-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनावश्यक रूप से जनता पर थोपी जा रही ” समान नागरिक संहिता ” को अनुचित निरुपित करते हुए ” समान आर्थिक संहिता ” स्थापित करने की मांग की है।*
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि ” आर्थिक मोर्चे पर असफल और गरीबी , महंगाई ,बेरोजगारी रोकने में अक्षम मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को भ्रमित करने और रोजी रोटी के बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की साजिश के तहत समान नागरिक संहिता जनता पर थोपने की तैयारी कर रही है। मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की दर बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा निजीकरण को बढ़ावा देने के कारण स्थाई सरकारी नौकरी के अवसर लगातार कम किए जा रहे हैं।मध्य प्रदेश में विभिन्न विभागों में लाखों पद रिक्त हैं लेकिन उन पदों पर नियुक्ति नहीं की जा रही है।सरकार द्वारा भारी भरकम टैक्स पेट्रोलियम पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर लगाकर महंगाई को बढ़ावा दिया जा रहा है।कुपोषण ,गरीबी से जनता त्रस्त है ।सरकार को पहले समान आर्थिक संहिता लागू करके जनता को बेहतर , गुणवत्ता पूर्ण जीवन और सम्मानजनक आर्थिक समानता उपलब्ध करने की योजना तैयार करना चाहिए।मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव विसंगतियों और अंतर्विरोधों से ग्रस्त है ।सरकार के प्रस्ताव के अनुसार समान नागरिक संहिता जन जाति समुदाय पर लागू नहीं होगी ।इस तरह एक तिहाई आबादी को इससे मुक्त रखा जाएगा। सिर्फ़ अल्प संख्यकों और विशेषकर मुसलमानों को अपमानित और प्रताड़ित करने के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के एजेंडे के तहत समान नागरिक संहिता जनता पर थोपी जा रही है।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा इसका कड़ा विरोध किया जाएगा ।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक शीघ्र ही बुलाने की मांग मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री से की है। ”
