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सूर्यमल्ल मिश्रण राजस्थान की शान, विरासत संरक्षण का लिया संकल्प – सभापति भरत शर्मा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटैक) चैप्टर बूंदी की ओर से महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण जन्मोत्सव सप्ताह के तहत मंगलवार को कविराजा की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रानीजी की बावड़ी स्थित महाकवि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तथा शहर में विरासत यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को बूंदी की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य कला से परिचित कराया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति भरत शर्मा ने कहा कि सूर्यमल्ल मिश्रण राजस्थान की शान हैं। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर बूंदी की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और शहर के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। इंटैक चैप्टर के संयोजक राजकुमार दाधीच ने कहा कि महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण जन्मोत्सव सप्ताह का आयोजन जन-जन तक उनके व्यक्तित्व और साहित्य को पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाता है। उन्होंने कहा कि सूर्यमल्ल मिश्रण के साहित्य में राष्ट्रवाद की भावना निहित है। उनके साहित्य को पाठ्यक्रमों में शामिल करने से नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना का विकास होगा। उन्होंने बूंदी की विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर महाकवि के प्रपौत्र खुमान सिंह तथा चैप्टर के सह-संयोजक राजेंद्र भारद्वाज ने भी विचार व्यक्त किए। साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए नंदू राजस्थानी, पीयूष पाचक, सुमित विजय, प्रकाश परचम, नंदलाल राव, रामस्वरूप मूंदड़ा और डॉ. सतीश शर्मा को सूर्यमल्ल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में इंटैक के सदस्यों सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों ने महाकवि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद निकाली गई विरासत यात्रा में बार एसोसिएशन अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ झुवासा, विनोद श्रृंगी, शुभम श्रृंगी, सुरेश शर्मा, एजाजुद्दीन अंसारी, अधीक्षण अभियंता, बलवंत भड़कता और अशफाक गौरी सहित नर्सिंग कॉलेज एवं राजकीय एएनएम संस्थान के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
विरासत यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को बूंदी शहर की ऐतिहासिक बसावट, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक धरोहरों की जानकारी दी गई। यात्रा कविराजा की हवेली और भावल्दी बावड़ी पहुंचकर संपन्न हुई। समापन समारोह में उपस्थित लोगों ने बूंदी की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया।