ठेकेदार ने 42 लाख रुपये में बना डाला घटिया नाला, दो माह में जगह-जगह टूटा, पानी का हो रहा रिसाव

भिण्ड/मेहगांव। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नं.6 में विगत दो माह पूर्व 800 मीटर नाला व पुलिया निर्माण के लिए 42 लाख रुपये मंजूर किये गये थे और दो माह में ही नाला जगह-जगह टूट-फूटने के साथ ही पानी का रिसाव होने लगा है, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है नाला निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री स्तेमाल की गई है, दो माह में ही नाला कैसे टूटने-फूटने लगा, घटिया निर्माण की जांच के लिए स्थानीय लोगों ने नगर परिषद सीएमओ सियाशरण यादव सहित अधिकारियों से शिकायतें कर चुके है फिर भी ठेकेदार के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। ठेकेदार पर कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में चर्चा है कि सीएमओ सियाशरण यादव सहित अन्य अधिकारियोंं का इसके ऊपर हाथ है इसलिए कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। वैसे तो श्री यादव अपने कारनामे दिखाने में पीछे नहीं रहते हैं, जब बात कमीशन की आ जाये तो अपना हक लिए बगैर किसी को नहीं छोड़ते इस तरह की चर्चा भी नगर परिषद मेंं हो रही है। श्री यादव गोरमी नगर परिषद में भी चर्चित रहे हैं जिन्होंने नेताओं को खुश करने के लिए सभी हदें पार कर दी थी और उपचुनाव में भिरतघात करने का आरोप लगने लगा था, इतना ही नहीं निजी गाडिय़ों का भुगतान करने के मामले सामने आये तो क्षेत्र की जनता श्री यादव के खिलाफ सडक़ों पर उतरकर नप से हटाने की मांग करने लगी तो इनका स्थानांतरण मिहोना नगर परिषद में कर दिया गया, जिसके बाद उपचुनाव के दौरान इन्हें मेहगांव नप का अतिरिक्त प्रभार मिला तो इन्होंने नेताओं से सांठगांठ कर अपना स्थायी पैर जमाने के लिए जुगाड़ खोजना प्रारंभ कर दिया, जिससे सफल हो गये और यहां पर सेट होते ही फिर से भ्रष्टाचार को अंजाम देने पर आमादा होने लगे हैं। वार्ड नं.6 मेंं ठेकेदार से कमीशन लेकर घटिया नाले का निर्माण करा दिया जो दो माह में जगह-जगह उखड़ गया और पानी का रिसाव हो रहा, पुलिया भी पूरी तरह से टूटने लगी है जिसकी शिकायतें-शिकवा शुरु होने लगी है। यह तो पहला मामला निकलकर सामने आया है इसी तरह से क्षेत्र में और भी निर्माण कार्य कराये जा रहे होंगे, जिनकी भी जल्द ही जांच होनी चाहिए। श्री यादव के कारनामों की पड़ताल करने के लिए राजएक्सप्रेस टीम निकल पड़ी है जो जल्द ही और भी घटिना निर्माण मामलों का खुलासा करेगी। क्योंकि श्री यादव जहां भी जाते हैं अपने कारनामों के लिए चर्चित हो जाते है और भ्रष्टाचार करने में तो यह मशहूर हैं इसलिए इनके कार्यकाल में जितने भी निर्माण कार्यो की मंजूरी दी गई है उनकी गहरायी से जांच होनी चाहिए अन्यथा की स्थिति में क्षेत्र में गुणवत्ताहीन सडक़ें व नाले बनकर तैयार हो जायेगे और नाले वाले भविष्य में लंबे समय चलने की बजह कुछ ही माह में जर्जर होकर उखड जायेंगे।
42 लाख का नाला व पुलिया दो माह में हुआ जर्जर
मेहगांव नगर परिषद द्वारा जिस ठेकेदार को वार्ड क्र.6 का 800 मीटर नाला निर्माण के लिए 42 लाख रुपये का ठेका दिया गया है उसने घटिया निर्माण कराकर सीएमओ से सांठ-गांठकर भुगतान कराकर चला गया और दो माह में ही नाले से जगह-जगह गंदे पानी का रिसाव, जगह-जगह टूट-फूट के साथ जल निकासी नहीं हो रही है, पुलिया भी टूट गई, स्थानीय लोगों ने जब इसकी शिकायत नप सीएमओ से की गई तो ठेकेदार को अवगत कराया गया तो अधिकारियों ने ठेकेदार को बोलकर 2 बोरी सीमेंट भिजवा कर उसका जगह-जगह टिकरिया चिपकवाकर अपना पल्ला झाडऩे मेंं लगा हुआ है, जबकी घटिया सामग्री से यह नाला बनाया गया तो नगर परिषद द्वारा इसका भुगतान कैसे कर दिया गया है, जिसको लेकर सीएमओ पर उंगलियां उठ रही हैं।
सीएमओ के फर्जी कारनामों की होना चाहिए जांच
नगर परिषद सीएमओ सियाशरण यादव इस बात के लिए प्रसिद्ध व चर्चित हैं कि जिस नप में रहते हैं उसे चौपट कर देते हैं इससे पहले गोरमी नगर में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी, अपनी निजी गाडियों से लेकर कई तरह के इन्होंने फर्जी भुगतान को अंजाम दिया है। श्री यादव नेताओं के चरण वंदन करने में पीछे नहीं रहते हैं इस तरह से इन्हें उपचुनाव के दौरान मंच पर देखा गया था, जिसके बाद शिकायतें हुई तो इनको हटाकर मिहोना मेंं पदस्थ कर दिया गया और मेहगांव का प्रभार मिलते ही यहां पर जमकर रह गये। मेहगांव में इनके कार्यकाल में जो नाला निर्माण कराया जा रहा है उसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया जो दो माह में जगह-जगह टूटने लगा और कमीशन खाना इनकी बुनियादी आदत है।
इनका कहना है:
वार्ड क्र.6 में निर्माण नालो का मामला मेरे संज्ञान में आया है कुछ टेक्निकल परेशानियां है जिन्हें जल्द ही दुरुस्त करा लिया जायेगा।
-सियाशरण यादव, सीएमओ, नगर परिषद मेहगांव