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कन्या महाविद्यालय में सॉफ्ट स्किल्स एवं कम्यूनिकेशन स्किल्स पर आयोजित कार्यशाला का हुआ समापन

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-राजकीय कन्या महाविद्यालय बूंदी में नवाचार एवं प्लेसमेंट सेल एवं नांदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सॉफ्ट स्किल एवं कम्यूनिकेशन स्किल्स विषय पर 6 दिवसीय कार्यशाला का समापन महाविद्यालय प्राचार्य डॉक्टर संदीप यादव की अध्यक्षता में एवं नवाचार एवं प्लेसमेंट सेल प्रभारी डॉक्टर मनीलता पचानौत के निर्देशन में किया गया। 13 नवंबर 2025 से प्रारंभ छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में महाविद्यालय प्राचार्य ने छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को रोजगारपरक कौशल सिखाकर उन्हें नौकरी के योग्य बनाना रहा है। कार्यशाला में छात्राओं को बॉडी लैंग्वेज, प्रोफेशनल ग्रूमिंग, ग्रुप डिस्कशन, साक्षात्कार कौशल, रोजगार के अवसर, कैरियर में अंग्रेजी भाषा की उपयोगिता, समस्या समाधान और क्रिटिकल थिंकिंग जैसे विषय छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में उपयोगी रहे हैं। यह कार्यशाला छात्राओं में संचार कौशल और विकास के क्षेत्र में नवीनतम जानकारी और तकनीकों से अवगत कराने का एक सफल प्रयास रहा है। संचार और कौशल विकास आज के समय में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इन कौशलों को प्राप्त करके छात्राएं अपने लक्ष्यों और अपने सपनों को साकार करने में समर्थ हो सकेंगी। और वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकेंगी ।नवाचार एवं प्लेसमेंट सेल प्रभारी डॉक्टर मनीलता पचानौत ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में 33 छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रथम तीन छात्राओं में प्रथम स्थान पर, द्वितीय स्थान पर एवं तृतीय स्थान पर रही।
शिविर में नांदी फाउंडेशन प्रशिक्षक सैम शर्मा ने छात्राओं को सिखाया कि साक्षात्कार या किसी औपचारिक प्रशिक्षण के दौरान अपना परिचय कैसे दिया जाना चाहिए ताकि वह प्रभावी बन सके। संचार कौशल के लिए प्रभावी ढंग से बोलना, सुनना और समझने के साथ ही गैर-मौखिक संचार जैसे शरीर की भाषा, चेहरे के भाव और आंखों के संपर्क भी आवश्यक है जिससे संचार कौशल प्रभावी बनता है। उन्होंने आगे बताया कि छात्राओं को टीम का नेतृत्व करने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के समय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने, प्राथमिकताएं निर्धारित करने और लक्ष्यों को प्राप्त करने के तरीके भी सिखाए गए, साथ ही समस्या समाधान के लिए समस्याओं को पहचानने ,विश्लेषण करने और समाधान करने के कौशल पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन नवाचार एवं प्लेसमेंट सेल सदस्य डॉक्टर चंपा अग्रवाल के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।