भाषा और नवगीत के लिए हमेशा याद किए जाएंगे

भिण्ड.shashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>>  भाषा और नवगीत विद्यालय के सृजेता साहित्यकार डॉ. ओमप्रभाकर अवैर देवेन्द्र सिंह दाऊ के आकस्मिक निधन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला शाखा भिण्ड द्वारा भावभीनी श्रृद्धांजलि दी गई। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुखदेव सिंह सेंगर ने उक्त दोनों साहित्यकारों के सृजन को संक्षेप में बताया, जो हिन्दी साहित्येतिहास में आकर भिण्ड के लिए गौरव और गरिमा की बात है। डॉ. ओम प्रभाकर कुछ वर्ष पहले से भिण्ड से देवास में जा बसे थे, जहां उन्होंने उर्दू गजलों का भी सृजन किया। उक्त साहित्यकारों की कविता, कहानी, नवगीत, इतिहास, भाषा आदि विधाओं की कई कृतियां प्रकाश में आई हैं। श्रद्धांजलि देने वालों में मनोज सोनी, प्रदीप बाजपेयी युवराज, धर्मेन्द्र शर्मा, आशुतोष शर्मा नंदू, डॉ. विनोद सक्सेना, मिजाजीलाल जैन, अंजुम मनोहर, किशोलीलाल बादल आदि है।