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बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, जर्जर भवनों को तुरंत करें जमींदोज- कलेक्टर

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- आवश्यक सेवाओं की सुचारू व्यवस्था और विभागीय कार्यों की प्रगति को लेकर मंगलवार को जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और आमजन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी जर्जर विद्यालयों की अतिशीघ्र सुरक्षा ऑडिट करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो स्कूल कक्ष जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत गिराया जाएं ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।
हरियालो राजस्थान: पौधों की हो शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग
‘हरियालो राजस्थान’ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को पूर्व में निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोपे गए सभी पौधों की अनिवार्य रूप से जियो-टैगिंग की जाए। केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी उचित देखभाल और जीवित रखने के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं।
शहरी क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए जिला कलेक्टर ने शहरी सेवा शिविरों में पट्टा वितरण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने सभी नगर निकायों को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएम आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि योजना और संपर्क पोर्टल पर लंबित  प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निस्तारण करने को कहा। उन्होंने चेताया कि आमजन से जुड़े इन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलेक्टर ने ‘पंच गौरव’ के तहत चयनित स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए और इसके लिए आमजन को भी जागरूक किया जाए ताकि स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल सके।
बैठक में अतिरिक्‍त जिला कलेक्‍टर (सीलिंग) रमेश देव, डीएफओ एएन गुप्ता, डीएफओ (आरवीटीआर) अरुण डी. कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर, तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।