कभी किसी का अपमान न करने वाला होता है संसार में सुखी: मुनि विश्रांत सागर

गोहद.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> दिगंबर जैन संत आचार्य 108 श्री विरागसागर महाराज के परम शिष्य मुनि विश्रांत सागर महाराज ग्वालियर की ओर से बिहार करते हुए गोहद चौराहा पर पहुंचे जहां 10 वां दीक्षा दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया आज मुनि विहसंत सागर एवं विश्रांत सागर महाराज का दीक्षा दिवस था जिस के उपलक्ष मे समस्त जैन समाज ने दीक्षा दिवस मनाया सुबह शांतिनाथ विधान का आयोजन किया गया तत्पश्चात स्वल्पाहार के बाद दीक्षा दिवस मनाया गया जिसमें मुनि श्री ने उपदेश देते हुए कहा के इंसान को कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए क्योंकि सब कुछ बदल सकता है लेकिन किस्मत में जो होगा वह नहीं बदल सकता हमें किसी के साथ भी छल कपट धोखा नहीं करना चाहिए और ना ही किसी गरीब असहाय नौकर आदि का अपमान नहीं करना चाहिए क्योंकि वह भी एक इंसान हैं यह उनके कर्मोदय के कारण नौकर बने हुए हैं या गरीब असहाय है लेकिन जब हम सभी उनके साथ नौकर जैसा व्यवहार करेंगे तो हमारे भी कर्म बिगड़ते हैं किस्मत ने राम सीता चंदनबाला आदि को भी नहीं छोड़ा यह हमें कभी भी किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए धन.संपत्ति होना बड़ी बात नहीं है लेकिन जिस घर में  सास बहू ननद भाभी बहु बेटे भाई भाई पिता पुत्र आदि सगे संबंधी मिलजुल कर रहते हैं उस घर में कभी भी धन की हानि नहीं रहती परिवार खुशहाल रहते हैं लेकिन जो लोग पैसे का घमंड करते हैं उनके यहां हालात खराब हो जाते हैं क्योंकि जिस घर में सास बहू पिता पुत्र भाई बहन भाई भाई आदि मिलकर नहीं रहते उस घर में कलेश आदि होने के कारण धन का नाश होने लगता है इसलिए भले ही धन.संपत्ति ना हो लेकिन यदि सब मिल जुल कर रहते हैं तो बड़े से बड़े काम को भी आसान कर देते हैं और जब घर में ही अगर लड़ाई झगड़े होते हैं तो इसका फायदा दूसरे लोग भी उठाते हैं इसलिए कभी  परिवार जनों से आपस में ना लड़ते हुए प्रेम भाईचारे से रहना चाहिए इस मौके पर समस्त कमेटी एवं युवा कार्यकर्ता बालिका मंडल महिला मंडल सहित लगभग 2 सैकड़ा लोग मौजूद थे।