स्कूल से दूर हो गये बच्चों की चिन्ता समाज को भी करना होगी

यूनीसेफ और चाइल्ड राइटस् आब्जर्वेटरी मध्यप्रदेशसंयुक्त आयोजन संपन्न

भोपाल @rubarunews.com>>>>>>>>>>>>>>>
कोविड के दौरान स्कूलों के बंद रहने के कारण बच्चे शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य की तरह तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बच्चों से जुड़े मुद्दे ऐसे हैं जिनको प्राथमिकता में रखकर पहल करना जरुरी है। यह पहल समाज, सरकार, संस्थाओं और राजनीतिक दलों सब को मिलकर करना होगी। उपरोक्त विचार मध्यप्रदेश चाइल्ड राइटस् आब्जर्वेटरी (CRO MP) की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बुच ने आज बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर आयोजित एक कार्यशाला का शुभारंभ करते हुये व्यक्त किये।

आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन यूनीसेफ और चाइल्ड राइटस् आब्जर्वेटरी मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में समाज के 25 प्रभावशील व्यक्ति शामिल हुये जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और प्रवक्ता भी थे। यूनीसेफ के संचार विषेषज्ञ अनिल गुलाटी ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए बैरसिया के विधायक विष्णु खत्री ने कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा की चिन्ता कर रही है और इस समय सुरक्षा के लिए टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अगर कोविड से सुरक्षा बनी रहेगी तो शिक्षा अपने आप सुधरने लगेगी।

बाल संरक्षण आयोग मध्यप्रदेश के सदस्य ब्रजेश चौहान ने कहा कि आदिवासी समुदाय में बच्चे शिक्षा से दूर हो गये हैं, उन्हें स्कूल से जोड़ने के लिए सतत निगरानी की जरूरत है। उनका सुझाव था कि छोटे-छोटे कोर्स जरूरी हैं और साथ ही स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर मोहल्ला कक्षाएं चलाना उपयोगी होगा, इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता हितेष वाजपेयी ने कहा कि कोविड के कारण प्रभावित हुई बच्चों की शिक्षा सरकार के समक्ष भी चुनौती है और इस दिशा में सत्त प्रयास किये जा रहे हैं। उनका मत था कि बच्चों के मुद्दे बहुत संवेदनशील है, बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और खेल आदि की चुनौतियाँ हैं। फण्डस् की कमी रहती है। पोस्ट कोविड स्थिति में इन चुनौतियों का सामना सबको मिलकर करना होगा।

भारतीय जनता पार्टी भोपाल की प्रवक्ता सुश्री नेहा बग्गा ने कहा कि बच्चों की दिनचर्या कैसे सुधरे? उनके सामान्य स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य की भी समस्या है। बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा में इंटरनेट से जुड़ने की समस्या व्यापक है इस ओर ध्यान देना जरूरी होगा।

कांग्रेस के प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता ने इस अवसर में कहा कि जो भी नीतियाँ बनाई जायें वह तथ्यों को सामने रखकर बनाई जायें तभी बेहतर नतीजे मिलेंगे। उनका सुझाव था कि शिक्षकों को इस प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाये कि वे ही स्कूल में मनो वैज्ञानिक का काम करें। कांग्रेस की ओर से ही अपराजिता पाण्डे का मत था कि कोविड ने हमें एक ऐसा अवसर दिया है कि हम शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत बनाये , स्वास्थ्य और हाइजिन की व्यवस्था कायम करें।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता शैलेन्द्र शैली ने कहा कि आज के समय का जो संकट है उसमें गरीब अपने को हीन समझ रहे हैं। शिक्षा में लीक से हटकर काम करने की जरूरत है।मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी सुश्री अमिति पाण्डे ने कहा कि ऐसे हालात बन गये हैं कि बच्चे स्कूल ही नहीं जाना चाहते, इस दिशा में काम करने की जरुरत हैं।

यूनिसेफ के शिक्षा विषेषज्ञ एफ.ए.जामी ने अपने प्रजेन्टेशन के माध्यम से शिक्षा का एक सम्पूर्ण दृष्य प्रस्तुत किया। उन्होंने स्कूल से बाहर हुए बच्चों की टेकिंग और मैपिंग की जरूरत बताई। उनका सुझाव था कि बच्चों और शिक्षकों को सामाजिक-मनोवैज्ञानिक समर्थन मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

राज्य शिक्षा केन्द्र मध्यप्रदेश के संचालक धनराजू .एस ने कार्यशाला का समापन करते हुए कहा कि आज के इस कार्यशाला में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। शासन कोविड के कारण बच्चों की शिक्षा से जुड़ी सभी समस्याओं से भलीभांति अवगत है और इनका निराकरण करने के लिए संबंधित विषेषज्ञ निरन्तर कार्य कर रहे हैं। सरकार तो अपनी ओर से प्रयास कर ही रही है, लोगों को स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने और सिखाने के काम के लिए आगे आना होगा। शासन निरन्तर बच्चों की ट्रेकिंग और आइडेंटिफिकेषन का काम कर रहा है ताकि बच्चों को स्कूल तक लाया जा सकें।

कार्यशाला में सुश्री जागृति सिंह, श्रीमती प्रतिक्षा गुरु,  गीत धीर और शेखर चौधरी ने अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम का संचालन और समन्वय श्री शरद द्विवेदी ने किया।  आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों की सहभागी संस्थाओं के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े जिनमें दतिया जिले से स्वदेश संस्था संचालक रामजीशरण राय, डीसीआरएफ़ सदस्य बलवीर पाँचाल, रीवा से डॉ मुकेश एंगल आदि सम्मिलित रहे।