राजस्थान

भू माफियाओं ने काटे जंगलात के विशालकाय पेड़, वन भूमि पर अवैध बिल्डिंग बनाने की तैयारी, प्रशासन लाचार, भू माफियाओं को राजनैतिक संरक्षण

कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunewsworld.com- कोटा के हृदय स्थल सिविल लाइंस में कलेक्टर कार्यालय के पास ही गांवड़ी क्षेत्र में भू माफियाओं का आतंक मचा हुआ है। वन विभाग की सुस्ती के चलते आज मोहन निवास के पास भू माफियाओं ने जंगलात की जमीन पर अवैध तरीके से नीम सहित अन्य प्रजातियों के बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए।
50 साल से अधिक पुराने नीम सहित अन्य प्रजाति के बड़े पेड़ों को भू माफियाओं ने इलेक्ट्रिक आरी से काट दिया। जबकि इलेक्ट्रिक आरी से काटना अवैध है और आपराधिक प्रकरण बनता है।

2 -3 दिन पूर्व ही गावड़ी क्षेत्र में वन भूमि की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा कब्जे करने के बारे में और राष्ट्र का वाचन द्वारा पूर्व में प्रकाशित समाचारों पर कार्यवाही करने के बारे में जब डीएफओ से बात की थी तो उन्होंने कहा कि स्टाफ को सतर्क कर दिया गया है और इस क्षेत्र में कोई भी अवैध कार्यवाही होने की जाएगी, यह भूमि जंगलात की है। इस मामले में आज जब बड़ी संख्या में पुराने पेड़ों को काटने के बारे में डीएफओ से बात करने के लिए फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वही पेड़ों को काटकर जमीन पर कब्जे के मामले में मोहन निवास से संबंधित लोगों के नयापुरा थाने में जाने की जानकारी मिली तो पुलिस उप अधीक्षक श्री भगवत सिंह हिंगड़ से फोन पर बात कर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मेरे पास कोई प्रकरण नहीं आया है, शायद थाने में गए होंगे, जिसकी मुझे जानकारी नहीं है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि कलेक्ट्री के पास होने के बावजूद भी जिला प्रशासन आंख बंद किए बैठा है। भूमाफिया खुलेआम जंगलात की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और सबसे विशेष बात यह है कि बड़ी संख्या में पेड़ों को और अन्य प्रजाति के वृक्षों तथा पौधों को काट दिया गया है। राज्य सरकार अस्थिर है और कोटा में गुंडों का ऐसा नंगा नाच तथा भू माफियाओं का आतंक पहली बार देखने को मिल रहा है, जिसके सामने प्रशासन पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रहा है।

भू माफियाओं के गुंडे आज खुले आम इलेक्ट्रिक आरी लेकर वन क्षेत्र में घूमते नजर आए हैं। यहां से मात्र 200 मीटर की दूरी पर वन विभाग के डीएफओ का कार्यालय है। किंतु राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बेखौफ भूमाफिया आतंक फैला कर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और सरकारी महत्त्व में आंख मूंद कर बैठे हैं।