बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रतिबंधों और समाज की भूमिका पर हुई चर्चा
बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-महिला अधिकारिता विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त बूंदी अभियान अंतर्गत अक्षय तृतीया (आखातीज) के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम हेतु विभिन्न सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ौदिया ग्राम में जाजम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवक-युवतियों और ग्रामवासियों ने सक्रिय भाग लिया। बैठक में बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रतिबंधों और इसके खिलाफ समाज की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने गांव को बाल विवाह से मुक्त बनाएंगे और किसी भी प्रकार के बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को देंगे।
महिला अधिकारिता विभाग सहायक निदेशक भेरू प्रकाश नागर ने अपने उद्वोधन में कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो न केवल बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाती है, बल्कि समाज की प्रगति में भी बाधक बनती है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जिले भर में निरंतर रूप से बाल विवाह रोकथाम हेतु निगरानी, संवाद और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पंचायत सदस्यों एवं युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसी क्रम में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय विकास नगर में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र प्रबंधक पूर्णिमा गौतम, काउन्सलर सलोनी शर्मा, अक्षिता मिश्रण, सखी वन स्टॉप केंद्र से केस वर्कर किरण बेदी व एक्शन एड-यूनिसेफ ज़िला समनव्यक ज़हीर आलम ने बाल विवाह अधिनियम, बाल विवाह के नुकसान व चाईल्ड हेल्प लाईन की जानकारी दी जबकि साथिन भीम लता शर्मा के नेतृत्व में ग्राम पंचायत चितावा के राजकीय विद्यालय में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर छात्रों ने बाल विवाह के विरुद्ध प्रेरणादायक नारे लगाए और निबंध व पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं तालेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया। “बाल विवाह पर रोक लगाओ दृ बचपन को खिलने दो“, “बेटी पढ़ेगी दृ देश बढ़ेगा“ जैसे नारों के साथ रैली ने स्थानीय नागरिकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा और बाल विवाह के विरोध में मजबूत संदेश दिया। इसके पश्चात विद्यालय में जागरूकता सभा आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक व स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला।
वरिष्ठ सहायक रविराज मिश्रण ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध एकजुट हों और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित भविष्य सुनिश्चित करें। इस अवसर पर महिला अधिकारिता से पर्यवेक्षक प्रीति बंशीवाल, रजनी शर्मा, सुमन बैरवा, सलोनी कुमावत, जेंडर विशेषज्ञ विनीता अग्रवाल, प्रिया मिश्रण, कनिष्ठ सहायक योगेश आदि उपस्थित रहे।