अस्पताल में भर्ती प्रसूता को बाइक से खाना देने पहुंचे युवक की आरक्षक ने की मारपीट फिर मामला दर्ज कराकर पहुंचा दिया जेल

-अस्पताल की चौकी में पदस्थ आरक्षक की बर्वता आई सामने, युवक से बाइक हटाने की बोलने के बदले कनपटी पर मार दिया थप्पड़, फिर जमकर की मारपीट
-पीडि़त परिजन सीएसपी से मिले बोले उनके बेटे को फसाया गया है, मारपीट करने वाले जवानों पर की कार्रवाई की मांग
भिण्ड। शहर के जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता का भतीजा अजय श्रीवास बाइक से उसे खाना देने पहुंचा और बाइक अस्पताल की चौकी के सामने खड़ी कर जल्दबाजी में अंदर चला गया, जब उसने वापस आकर बाइक उठाई तो अस्पताल की चौकी पर पदस्थ आरक्षक मानसिंह नरवरिया ने बिना कारण पूछताछ के उसके चेहरे पर थप्पड़ जड़ दिया,जिसके बाद आरक्षक के सहयोगियों व एंबूलेंस चालकों ने भी उसके साथ जमकर लात-घूसों से मारपीट करते हुए शहर कोतवाली लेकर पहुंचे और उसके ऊपर शासकीय कार्य में बाधा डालने से लेकर अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराकर उसे जेल भेज दिया। जब उसके परिजन शाम के वक्त कारण जाने के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन पर भी धारा 151 के तहत मामला दर्ज कराकर शहर कोतवाली में 24 घंटे थाने में बैठाकर रखा गया। जबकि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीव्ही कैमरों कैद हुई वारदात में साफ दिखाई दे रहा हे कि अजय को सभी लोग मारपीट रहे है फिर भी उसके ऊपर झूठी एफआईआर दर्ज कर दी गई जो आरोपी है उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। झूठी एफआईआर के विरोध में शुक्रवार को श्रीवास समाज ने एकजुट होकर नगर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग रखी, उन्होंने बताया अजय 12वीं कक्षा में पढ़ता है जो इन दिनों पुलिस व फौज की तैयारी कर रहा है अगर इस तरह से उसे झूठे केश में फसाया गया तो उसकी जिंदगी बर्वाद हो जायेगी तो सीएसपी आनंद राय ने परिजनों को तीन दिन जांच के लिए समय मांगा है तो उधर श्रीवास समाज ने कहां अगर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन करने के लिए विवश हो जायेंगे, जिसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।
अस्पताल में भर्ती चाची, खाने देने पहुंचा था युवक
प्रसूता यशोदा पत्नी भोगीराम श्रीवास निवासी ग्राम बिलौरा थाना देहात जिसे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने जिला अस्पताल में विगत 8 फरवरी रात लगभग 12 बजे भर्ती कराया था, अगले दिन उसका भतीजा अजय पुत्र वासुदेव श्रीवास 9 फरवरी शाम 4 बजे खाना देने पहुंचा और अपनी बाइक अस्पताल चौकी के सामने खड़ी कर अंदर चला गया, जब बाहर वापस आया तो उसने बाइक उठाकर चलने लगा तो अस्पताल चौकी पर पदस्थ आरक्षक मानसिंह नरवरिया ने बिना कारण पूछे उसके थप्पड़ जड़ दिया और लातघूसों से जमकर उसकी मारपीट की।
सीसीटीव्ही में कैद हुई वारदात
अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीव्ही में अजय के साथ हुईमारपीट की वारदात कैद हो गई जिसमेंं साफ दिखाई दे रहा है कि अजय ने पहले आकर बाइक उठाई तो एक वर्दी में आरक्षक ने बिना कारण पूछे उसके थप्पड़ मार दिया, जिसमें साफ-साफ आरक्षक की गलती दिखाई दे रही है। सवाल यह खड़ा हो गया अगर अजय ने बाइक चौकी के सामने रखी थी तो उसे समझाना चाहिए था न कि वर्दी का रौब दिखाते हुए मारपीट करना। इसके बाद आरक्षक ने बर्वता पूर्वक मारपीट करते हुए थाने लेकर गये और उस पर शासकीय कार्य में बाधा डालने आदि धाराओं में मामला दर्ज कराकर उसे जेल भेज दिया।
इन धाराओं मेंं हुआ मामला दर्ज
आरक्षक नं.122 मानसिंह नरवरिया अस्पताल चौकी ने सिटी कोतवाली पहुंचकर आवेदन दिया जिसमें बताया गया कि अजय पुत्र वासुदेव श्रीवास निवासी बिलौरा ने उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली है तो सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने अजय को आरोपी बनाते हुए धारा 353, 294, 186, 506, 332 भादावि के तहत मंगलवार शाम 4 बजे प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर अगले दिन न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही उसके चाचा हरिओम श्रीवास, सुनील श्रीवास, चाचा के साले छोटू श्रीवास पर भी धारा 151 के तहत मामला दर्ज करते हुए 24 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया।
मारपीट के मामले में परिजनोंं ने सीएसपी को दिया ज्ञापन
श्रीवास सेन महासभा के युवा जिलाध्यक्षदिनेश उर्फ डीके श्रीवास के नेतृत्व में परिजनों के साथ श्रीवास समाज दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय अजय के साथ हुई मारपीट में दोषी आरक्षक व अन्य लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन देने पहुंचे थे लेकिन वह नहीं मिले तो नगर पुलिस अधीक्षक आनंद राय को ज्ञापन दिया जिसमें उन्होंने बताया विगत 9 फरवरी शाम 4 बजे जिला अस्पताल में प्रसूती के लिए भर्ती चाची को अजय सामान देने बाइक से पहुंचा था, इसी दौरान आरक्षक ने खड़ी करने से रोका तो उसने कहा कि अभी सामान देकर आ रहा हूं, जिस पर आरक्षक एक नहीं सुनी और अन्य साथियों के साथ मारपीट कर दी, जब की उसने किसी के साथ अभद्रता नहीं की उसे झूठा फसाया गया है मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग रखी। आवेदन की एक कॉपी गृहमंत्री मप्र शासन भोपाल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मप्र भोपाल, आईजी चंबल ग्वालियर, डीजीपी मप्र भोपाल को भी भेजी गई है। इस दौरान भागीरथ श्रीवास, रघुवीर श्रीवास, कमलेश श्रीवास, रॉविन, भीम श्रीवास, रामप्रकाश, बंटी श्रीवास, रामप्रकाश, विहान, रिंकू सविता, कल्लू श्रीवास, राम लखन श्रीवास, बंटी श्रीवास, प्रदीप श्रीवास, आकाश श्रीवास आइि लोग मौजूद रहे।

इनका कहना है:
एक युवक के साथ जिला अस्पताल में हुई मारपीट के संबंध में मेरे पास एक परिजनों की ओर से आवेदन आया है जिसकी जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।
-आनंद राय, नगर पुलिस अधीक्षक भिण्ड