बेजुबान परिंदों की सेवा भी सच्ची मानवता – अनुराधा जैन
बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-उमंग संस्थान के एक परिण्ड़ा मेरा भी कार्यक्रम के अन्तर्गत पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झापड़ी सहित विभिन्न सथानों पर बेजुबान पक्षियों के लिए परिण्ड़े बांध कर आमजन को पक्षियों हेतु दाना पानी रखने के लिए प्रेरित किया गया।
पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झापड़ी में आयोजित हो रहे समर केम्प में अनुराधा जैन के नेतृत्व में पक्षियों के लिए परिंडे बांध कर उनमें रोजाना पानी भरने का संकल्प लिया। इस दौरान अनुराधा जैन ने गर्मी में मौसम में पक्षियों को बचाने के लिए अपने आस पास के क्षेत्र में परिंडे लगाने की अपील करते हुए कहा कि इंसान मांगकर पानी पी सकता है, लेकिन बेजुबान मांगकर पानी नहीं पी सकता है। इंसानों को पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम रखना चाहिए। इस अवसर पर ज्योति प्रजापत, मोनिका प्रजापत, नेहा सैनी, मीनाक्षी सैनी, निकिता सैनी, अनय जैन हेमलता शर्मा, बंशी सैनी, दिव्यांश सैनी, नरेंद्र सैनी, सुरेश सैनी, भीमशंकर सैनी, अक्षय सैनी सहित स्टाफ सदस्य व अभिावक मौजूद रहे। वहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटखेड़ा में प्रधानाचार्य महेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में छायादार पेड़ के नीचे परिंडे लगाते हुए उसमें दाने पानी की व्यवस्था की गई। यहां प्रधानाचार्य महेश कुमार शर्मा ने पक्षियों के लिए परिण्डे लगाने के इस पुनीत कार्य मे सहयोग करने की बात कहते हुए इन परिण्डों मे प्रतिदिन पानी भरने का संकल्प दिलवाया और उपस्थित छात्र छात्राओं को नियमित जलापूर्ति की व्यव्स्थ करने की जिम्मेदारी सौंपी। इस अवसर पर नंदकिशोर बैरागी, सीताराम जांगिड़, सुनील मीणा, मोनू शर्मा, रवि गौत्तम, अद्वितीय सिंह, मीनाक्षी साहू, मोनिका सहित छात्र छात्राऐं मौजूद रहे।
बेजुबान पक्षियों के लिए बढ़ाएं हाथ
एक परिण्ड़ा मेरा भी कार्यक्रम के संयोजक कुश जिन्दल ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में जहाँ हम अपनी प्यास बुझाने के लिए कई इंतजाम करते हैं, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए पानी का संकट खड़ा हो जाता है। मानवीय संवेदनाओं के नाते हमारा यह छोटा सा प्रयास कई पक्षियों का जीवन बचा सकता है। इन्होंने आमजन से अपिल की कि वें अपनी छत, बालकनी, आंगन या घर के बाहर किसी सुरक्षित और छायादार स्थान पर मिट्टी के परिंडे रख कर उनमें प्रतिदिन साफ और ताजा पानी भरने के साथ थोड़ा सा अनाज या दाना भी जरूर डालें और अपने आस-पड़ोस के लोगों और मित्रों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करें। आपका एक छोटा सा कदम प्रकृति के इन सुंदर जीवों के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।
